मुंबई । अडानी ग्रुप ने श्रीलंका में आयोजित होने वाले 3800 करोड़ रुपए के विंड पावर प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिया है। अडानी ग्रुप ने अपने पत्र में सरकार के साथ किसी अनबन की अदालत के आलम बताया है। पहले श्रीलंका सरकार और ग्रुप के बीच बिजली खरीद समझौते में इकरार था, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया था। अब कंपनी ने उस प्रोजेक्ट से हटने का निर्णय लिया है। यहां यह भी उज्ज्वलता मिलती है कि अडानी ग्रुप भविष्य में भी श्रीलंका सरकार के साथ भारतीय उद्यमिता क्षेत्र में विकास के लिए काम करने को तैयार है। इस नए संबंध के साथ, ग्रुप का उद्देश्य है कि वह इस सूचना के अनुसार नराजगी को दूर करेगा और समर्थन के साथ यह फैसला लिया जाएगा। अडानी ग्रुप का ध्यान रखते हुए, यह निर्णय उच्च स्तर की व्यवस्था, स्विच मैनेजमेंट और उत्कृष्ट समर्थन के साथ लिया गया है। यह प्रोजेक्ट को छोड़ने का निर्णय ग्रुप के लिए जोरदार संकेत है कि वह उद्यमिता क्षेत्र में दृढ़ मजबूती के साथ आगे बढ़ने को देख रहा है।