शनिवार व्रत से मिटेंगे दुख, शनिदेव होंगे प्रसन्न! देखें शुभ मुहूर्त, भद्रा समय, राहुकाल, दिशाशूल

शनिवार का व्रत शनि देव की पूजा के लिए समर्पित है. इस दिन फाल्गुन कृष्ण तृतीया तिथि, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, सुकर्मा योग, वणिज करण, पूर्व का दिशाशूल और कन्या राशि में चंद्रमा है. पाताल की भद्रा सुबह से रहेगी. शनिवार को शनि देव की पूजा करने से साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों में राहत मिलती है. शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शमी के पत्ते और फूल, काले तिल, सरसों के तेल, काली उड़द आदि अर्पित करते हैं. पूजा के समय आपको शनि रक्षा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. इससे शनि देव सुरक्षा प्रदान करते हैं. शनिवार की व्रत कथा पढ़ने से आपको व्रत का पूरा फल मिलेगा और व्रत का महत्व भी पता चलेगा. पूजा के समय आप शनि चालीसा का पाठ और शनि मंत्र का जाप कर सकते हैं.
जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष हो या फिर शनि की स्थिति खराब हो तो आप शनिवार के दिन काले या नीले रंग के कपड़े पहनें. शनिवार को भोजन में काली उड़द और काले तिल का उपयोग करें. इस दिन काला तिल, काली उड़द, काले या नीले वस्त्र, जूते, चप्पल, सरसों का तेल, लोहा, स्टील के बर्तन आदि का दान करना चाहिए. जो लोग शनिवार को गरीबों और असहाय लोगों की मदद करते हैं, उन पर शनि महाराज प्रसन्न होते हैं. अपने अधीन कर्मचारियों से अच्छ से व्यवहार करें, सभी को सम्मान दें, झूठ न बोलें, किसी के साथ छल न करें, शराब, जुआ आदि से दूर रहें. इससे भी शनि देव खुश रहते हैं. वैदिक पंचांग से जानते हैं शुभ मुहूर्त, सूर्योदय, चंद्रोदय, चौघड़िया समय, भद्रा काल, राहुकाल, दिशाशूल आदि.
आज का पंचांग, 15 फरवरी 2025
आज की तिथि- तृतीया – 11:52 पी एम तक, उसके बाद चतुर्थी
आज का नक्षत्र- उत्तराफाल्गुनी – 01:39 ए एम, फरवरी 16 तक, फिर हस्त
आज का करण- वणिज – 10:48 ए एम तक, विष्टि – 11:52 पी एम तक, उसके बाद बव
आज का योग- सुकर्मा – 07:33 ए एम तक, फिर धृति
आज का पक्ष- कृष्ण
आज का दिन- शनिवार
चंद्र राशि- कन्या
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 06:59 ए एम
सूर्यास्त- 06:11 पी एम
चन्द्रोदय- 08:46 पी एम
चन्द्रास्त- 08:28 ए एम
आज के मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 05:17 ए एम से 06:08 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 12:13 पी एम से 12:58 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:27 पी एम से 03:12 पी एम
अमृत काल: 05:42 पी एम से 07:28 पी एम
दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
शुभ-उत्तम: 08:23 ए एम से 09:47 ए एम
चर-सामान्य: 12:35 पी एम से 01:59 पी एम
लाभ-उन्नति: 01:59 पी एम से 03:23 पी एम
अमृत-सर्वोत्तम: 03:23 पी एम से 04:47 पी एम
रात का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
लाभ-उन्नति: 06:11 पी एम से 07:47 पी एम
शुभ-उत्तम: 09:23 पी एम से 10:59 पी एम
अमृत-सर्वोत्तम: 10:59 पी एम से 12:35 ए एम, फरवरी 16
चर-सामान्य: 12:35 ए एम से 02:11 ए एम, फरवरी 16
लाभ-उन्नति: 05:23 ए एम से 06:59 ए एम, फरवरी 16
अशुभ समय
राहुकाल- 09:47 ए एम से 11:11 ए एम
गुलिक काल- 06:59 ए एम से 08:23 ए एम
यमगण्ड- 01:59 पी एम से 03:23 पी एम
दुर्मुहूर्त- 06:59 ए एम से 07:44 ए एम, 07:44 ए एम से 08:29 ए एम
भद्रा- 10:48 ए एम से 11:52 पी एम
भद्रा का वास- पाताल
दिशाशूल- पूर्व
शिववास
क्रीड़ा में – 11:52 पी एम तक, उसके बाद कैलाश पर.