तेलंगाना सीएम का आरोप, मोदी जब सीएम थे तब उनकी जाति सवर्ण थी
बीजेपी ने रेड्डी के बयान को बताया असामाजिक और गैर जिम्मेदाराना
नई दिल्ली। तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का जन्म से पिछड़ा वर्ग से कोई संबंध नहीं था। उनके इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने सीएम रेड्डी के बयान को असामाजिक और गैर जिम्मेदाराना बताया है। रेवंत रेड्डी का यह बयान बीजेपी द्वारा तेलंगाना में जाति सर्वे को लेकर उठाए गए आरोपों के जवाब में आया है।
सीएम रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया है कि उनकी मानसिकता पिछड़े वर्ग के खिलाफ है और उन्होंने दावा किया कि गुजरात के सीएम बनने से पहले मोदी जाति से सवर्ण थे। उन्होंने यह बयान सरकार के जाति सर्वे पर एक रिपोर्ट के बाद दिया है। रेड्डी के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कई पोस्ट किए। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने सीएम रेवंत रेड्डी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेड्डी को तथ्यों के आधार पर बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी इतनी गैर जिम्मेदार तरीके से कैसे बोल सकते हैं? अगर आप कोई बयान देते हैं, तो वह तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।
किशन रेड्डी ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद ही पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया, जबकि यह कांग्रेस सरकारों के दौरान नहीं हुआ था। बीजेपी ने रेवंत रेड्डी के बयान का विरोध किया और पार्टी नेता एन रामचंद्र राव ने इसे सस्ती लोकप्रियता बताया। उन्होंने कहा कि यह बयान कांग्रेस सरकार के जाति सर्वे की विफलता से ध्यान हटाने के लिए जानबूझकर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों ने खुद कहा कि पूरे जनगणना को फिर से देखा जाना चाहिए क्योंकि कुछ लोग बाहर रह गए हैं।
बीजेपी के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण ने सीएम रेड्डी के बयान को गलत बताया और याद दिलाया कि पीएम मोदी की जाति को 1994 में कांग्रेस सरकार के दौरान ओबीसी सूची में शामिल किया गया था। लक्ष्मण ने कहा कि रेवंत रेड्डी का पीएम नरेंद्र मोदी की जाति पर दिया गया बयान गलत है। वहीं केंद्रीय मंत्री बंदी संजय ने भी रेवंत रेड्डी को घेरते हुए कहा कि आपका शोध इतना विफल हुआ कि आप एक तथ्य भूल गए। पीएम नरेंद्र मोदी को 1994 में कांग्रेस के शासन में ओबीसी के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
बांदी संजय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और सवाल किया कि अब बताएं कि राहुल गांधी किस जाति के हैं? उनका धर्म क्या है? क्या उन्हें पता है या आपको पता है? उनके दादा फिरोज जहांगीर गांधी थे। हिंदू परंपरा में जाति पिता की वंशावली से जुड़ी होती है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर कोई बहस करना चाहता है कि कौन कानूनी रूप से धर्म परिवर्तन किया है तो सीएम को 10 जनपथ से शुरुआत करनी चाहिए।

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