भोपाल मंडल के स्टेशनों से मिलेगी सीधी सुविधा, मिलेगी भारत गौरव ट्रैन से अमृतसर और वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा
भोपाल: IRCTC द्वारा “गुरुकृपा (अमृतसर) यात्रा उत्तर दर्शन सहित” के लिए भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है, जो भोपाल संभाग के प्रमुख स्टेशनों रानी कमलापति, इटारसी, विदिशा और बीना से होकर गुजरेगी। यह यात्रा विशेष रूप से मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए बहुत सुविधाजनक और लाभकारी है।
27 मई 2025 को रीवा से रवाना होने वाली यह विशेष पर्यटक ट्रेन रीवा, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, इटारसी, रानी कमलापति, विदिशा, बीना और झांसी होते हुए चलेगी। यात्री इन स्टेशनों से इस पवित्र यात्रा में शामिल हो सकते हैं। 09 रातों/10 दिनों की इस धार्मिक यात्रा में यात्रियों को मथुरा, हरिद्वार, ऋषिकेश, अमृतसर और वैष्णो देवी के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
इस यात्रा का किराया प्रति व्यक्ति ₹17,600/- (स्लीपर – इकोनॉमी क्लास), ₹28,700/- (3AC – स्टैंडर्ड क्लास) तथा ₹37,800/- (2AC – कम्फर्ट क्लास) निर्धारित किया गया है। इस किराए में भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी कोच में आरामदायक रेल यात्रा, ट्रेन में और ट्रेन से उतरते समय शाकाहारी भोजन, पर्यटन स्थलों के लिए गुणवत्तापूर्ण वातानुकूलित बस सुविधा, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास, अनुभवी टूर एस्कॉर्ट्स की सेवा, यात्रा बीमा, ट्रेन में सुरक्षा और हाउसकीपिंग जैसी सभी सुविधाएं शामिल हैं। यह पूरी तरह से समावेशी यात्रा है।
इस पवित्र यात्रा में भाग लेने के इच्छुक यात्री IRCTC की वेबसाइट www.irctctourism.com पर या किसी अधिकृत एजेंट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं। यह ट्रेन न केवल धार्मिक दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि भोपाल मंडल के यात्रियों को उनके निकटतम स्टेशनों से सीधी सुविधा भी प्रदान करती है, जिससे यात्रा और भी सुविधाजनक और सुलभ हो जाती है।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन