लोकतांत्रिक आवाज को दबाया जाता है, अहम मुद्दों पर चर्चा रोकती है सरकार, विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र संसद में चर्चा को रोक रहा है। विपक्ष की आवाज को दबाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है। प्रियंका गांधी ने वायनाड में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का दृष्टिकोण किसी भी तरह से चर्चा से बचने का है, इसके लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
विपक्ष की आवाज को कथित तौर पर दबाने के सवालों का जवाब देते हुए सांसद ने कहा कि सरकार ने संसद में चर्चा को रोक दिया है। सांसद ने कहा, 'मैंने संसद के पिछले कुछ सत्रों में देखा है कि उनकी (केंद्र सरकार) नीति किसी भी तरह से चर्चा से बचने की है। चाहे वह विपक्ष द्वारा विरोध किए जाने वाले मुद्दे को उठाना हो, या विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति न देना हो।'
सरकार खुद प्रक्रिया को बाधित कर रही
प्रियंका गांधी ने आगे आरोप लगाया कि केंद्र संसद में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से काम करने से रोक रहा है। उन्होंने कहा कि यह सांसदों के लिए 'बहुत दुखद' है। उन्होंने दावा किया, 'विपक्ष पर अक्सर संसद को बाधित करने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन इस सरकार में भी यही प्रक्रिया देखने को मिल रही है। सरकार खुद इस प्रक्रिया को बाधित कर रही है, जो शायद सभी के लिए नई बात है।'
कलपेट्टा में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में शामिल हुई
इससे पहले दिन में प्रियंका गांधी वायनाड के कलपेट्टा कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

NEET विवाद पर बिहार बंद: पटना से सीवान तक प्रदर्शन, कई जगह यातायात प्रभावित
Renewable Energy पर बड़ा दांव, 30 जुलाई से खुलेगा Juniper Green Energy का IPO
टंट्या भील चौराहे पर आंदोलन जारी, प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन की पैनी निगाह
चाणक्यपुरी थाने में FIR, पीयूष गोयल के डीपफेक वीडियो मामले ने पकड़ा तूल
स्वाइन फ्लू से जूझ रहीं शबाना आजमी, विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने की बताई वजह
सैलरी भुगतान में गड़बड़ी उजागर, नगर निगम के दो कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई
निवेशकों के लिए बड़ा मौका, Manipal Health से Juniper Green तक कई IPO खुलने को तैयार
न्यूक्लियर डील के बदले ट्रंप की नई शर्त, सऊदी पर अब्राहम समझौते का दबाव क्यों?