मध्य प्रदेश में आबकारी विभाग के टूटे आंकड़े, 5 साल में सबसे ज्यादा सरकार को मिला राजस्व, बड़े जिलों में 22% से अधिक ग्रोथ हुई
भोपाल: साल 2024 - 25 की तुलना में मध्य प्रदेश आबकारी विभाग से ज्यादा रेवेन्यू मिला है. साल 2025 26 में 22 % से अधिक रिवेन्यू के साथ दुकानों की नीलामी हुई है. सबसे ज्यादा बड़े शहरों में सरकार को राजस्व मिलने की भी उम्मीद है. आबकारी विभाग के पिछले 5 साल के आंकड़े रेवेन्यू के मामले में टूट गए हैं. मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से नई दुकानों का आवंटन शुरू हो जाएगा.
धार्मिक स्थान पर शराबबंदी के बाद भी राजस्व नहीं घटा
आबकारी विभाग की नई पॉलिसी के मुताबिक मध्य प्रदेश में 17 धार्मिक स्थलों शराबबंदी के बाद भी राजस्व का आंकड़ा कम नहीं हुआ है. 1 अप्रैल से इन धार्मिक स्थान पर शराब न पहुंचे इसके लिए आबकारी विभाग ने क्या रणनीति तैयार की है यह तो समय के गर्भ में छुपा है लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आम जनता की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए धार्मिक नागरियों में की शराब बंद आबकारी कमिश्नर ने ठेकेदारों द्वारा शराब ब्लैक किए जाने की मनसा को समझ कर किए निर्देश जारी, नई ठेकेदारों को ही मिल सकेगी शराब सरकार के रेवेन्यू बढ़ाने के साथ-साथ ठेकेदारों पर भी सख्ती की गई है. आबकारी कमिश्नर ने ब्लैक में शराब बेचने की योजना बनाने वाले ठेकेदारों को स्टांप ड्यूटी भर के शराब लेने पर पाबंद लगा दिया. जिनकी पुरानी ड्यूटी जमा थी. माना जा रहा था कि धार जिले के आसपास के घर की शराब लेकर दूसरे राज्यों में सप्लाई करने की तैयारी कर रहे थे. इसी बीच नए आदेश दिए उनके कारनामे पर पानी फेर दिया. वहीं एक अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति में शराब दुकानों के लिए लाइसेंस लेने वाले ठेकेदारों को बैंक गारंटी सिर्फ ई-बैंक गारंटी के रूप में ही मिलेगी. इसके माध्यम से ही शराब दुकानों का आवंटन किया गया है. ई-बैंक गारंटी की वैधता अवधि कम से कम 30 अप्रैल 2026 तक होगी. इसके लिए एफडी स्वीकार नहीं की जाएगी और पहले से जमा एफडी का नवीनीकरण भी नहीं किया जाएगा. जो ई-बैंक गारंटी दी जाएगी उसका कहीं और प्रयोग नहीं किया जा सकेगा.
दुकानों को कहीं शिफ्ट भी नहीं किया जाएगा
नई आबकारी नीति में कहा है कि 13 नगरीय निकायों और 6 ग्राम पंचायतों में एक अप्रैल से शराब दुकानों का संचालन नहीं किया जाएगा. यहां किसी भी प्रकार के बार और वाइन आउटलेट के लाइसेंस एक अप्रैल 2025 से नहीं दिए जाएंगे. इनके संचालन की भी अनुमति नहीं होगी. यहां की दुकानों को कहीं शिफ्ट भी नहीं किया जाएगा.
इन टॉप जिलों में सबसे ज्यादा रेवेन्यू वाली दुकानें
मध्य प्रदेश में 10 टॉप जिले हैं. जहां सबसे ज्यादा सरकार को रेवेन्यू मिला है. 22% से ज्यादा रेवेन्यू सरकार को मिला है. बुरहानपुर, भोपाल ,रायसेन टीकमगढ़ मुरैना,पन्ना, अनूपपुर सागर ,कटनी,अलीराजपुर ,बैतूल सहित अन्य जिले भी शामिल है. जहां सरकार को अधिक मात्रा में रेवेन्यू मिला है.

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