बारिश बनी राहत की बौछार, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
पिछले चार दिन से हर रोज हो रही वर्षा से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। लगातार पानी गिरने से अब खेतों में धान बोआई की तैयारी तेज हो गई है। मौसम विभाग ने भी जुलाई के पहले सप्ताह तक वर्षा का मौसम बना रहने का पूर्वानुमान किया है। रविवार को भी दिन में सात मिमी तक पानी बरसा है जबकि शनिवार सुबह आठ बजे से रविवार को आठ बजे तक शहर में 13.6 मिमी पानी बरस चुका है।
मानसून के साथ सक्रिय हुए मौसमी सिस्टम ने रविवार को सुबह से शाम तक वर्षा का माहौल बनाए रखा। बादलों के आने से दिन भर में सात मिमी तक पानी बरस गया है। मौसम विभाग के अनुसार रात में भी रुक-रुक कर वर्षा होने के आसार बने हुए हैं। अगले दो दिन के दौरान भी धूप निकलने के साथ वर्षा का भी सिलसिला बना रहेगा। कानपुर और आसपास के जिलों में मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा का मौसम लगातार बना हुआ है।
मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार अगले दो से तीन दिन के दौरान भी दिन में धूप निकलेगी और बारिश भी होती रहेगी। तापमान सामान्य से नीचे ही बना रहेगा। रविवार को भी दिन का अधिकतम तापमान सीएसए के मौसम केंद्र में 32 और न्यूनतम 26 .2 डिग्री जबकि एयरफोर्स स्टेशन पर अधिकतम तापमान 33.2 और न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री रहा है।
उन्होंने बताया कि जून महीने के आखिरी सप्ताह में भी वर्षा का मौसम बना रहेगा। जो जुलाई के पहले सप्ताह तक अपना असर दिखाएगा। किसानों ने खेत में धान बोआई की तैयारी की तेज पिछले चार दिनों से लगातार हो रही वर्षा से किसानों के चेहरे खिल आए हैं। धान की खेती के लिए अब खेत की जोताई और नर्सरी लगाने का काम तेज हो गया है। नर्सरी के लिए किसानों को अतिरिक्त सिंचाई भी नहीं करनी पड़ रही है।
कुरसौली गांव के सुशील तिवारी, भूधर कुरील, अनंत कमल ने बताया कि नर्सरी लगाने के लिए खेत तैयार कर लिया है। अगर इसी तरह पानी बरसता रहा तो किसानों को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। कई साल बाद ऐसा मौसम बना है जब धान की खेती के लिए सिंचाई नहीं करनी पड़ रही है।

हादसे के बाद प्रशासन सख्त, सुपरवाइजर पर गिरी गाज और कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव! प्रल्हाद जोशी ने संभाला कार्यभार
'न कर्फ्यू-न दंगा, सब चंगा', योगी के बयान से मैनपुरी की सियासत गरमाई
कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा खुलासा! बोले- आंदोलन के पहले दिन इस्तीफा देना चाहते थे धर्मेंद्र प्रधान
अनियंत्रित कार बनी मौत का जाल, तालाब में डूबने से एक ही परिवार के 5 लोगों की जान गई