हेमंत खंडेलवाल मध्य प्रदेश बीजेपी निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित, औपचारिक घोषणा बाकी
भोपाल : जैसी कि एक दो दिन से चर्चा तेज थी कि हेमंत खंडेलवाल मध्यप्रदेश बीजेपी के अगले प्रदेश अध्यक्ष होंगे. हालांकि उनके नाम की चर्चा शुरू से ही चल रही थी. मंगलवार को अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नामांकन दाखिल हुआ. 5 मिनट का समय भी दिया गया लेकिन किसी अन्य नेता ने नामांकन दाखिल नहीं किया. बगैर वोटिंग के सर्वसम्मति से हेमंत खंडेलवाल प्रदेश अध्यक्ष चुन लिए गए. अब केवल घोषणा की औपचारिकता शेष है.
बीते 6 माह से चर्चा में रहे हेमंत खंडेलवाल
मध्य प्रदेश बीजेपी में संभवत: ये पहली बार होगा कि जो नाम प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए बीते 6 महीने से सुर्खियों में बना हुआ है, उसी नाम पर मुहर लगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल का नामांकन भराया. इस मौके पर मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहे. सीएम डॉ. मोहन यादव की फर्स्ट च्वाइस बताए जा रहे हेमंत खंडेलवाल के नाम पर प्रदेश के सभी नेताओ ने भी रजामंदी दे दी.
इंतजार भी किया लेकिन कोई उम्मीदवार नहीं आया सामने
अब बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल का बीजेपी अध्यक्ष बनना तय है. केवल ऐलान की औपचारिकता बाकी रही है. मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में सीएम डॉ. मोहन यादव ने उनका नामांकन भरवाया. बीजेपी के प्रदेश चुनाव अधिकारी विवेक शेजवलकर और चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान की मौजूदगी में नॉमिनेशन फार्म दाखिल किए गए. पांच मिनट का समय भी लिया गया कि कोई अन्य अगर नामांकन दाखिल करना चाहे तो कर सकता है. अब चूंकि एक ही नामांकन दाखिल हुआ है, लिहाजा, इसके बाद नॉमिनेशन फॉर्म की स्क्रूटनी और नाम वापसी की प्रक्रिया का सवाल ही नहीं है. इस प्रकार अध्यक्ष पद के लिए खंडेलवाल का अकेले नाम का नामाकन होगा और निर्विरोध उनका चुनाव हो जाएगा.
कैसे बने हेमंत खंडेलवाल राइट च्वाइस
हेमंत खंडेलवाल चुनावी राजनीति के मंझे खिलाड़ी हैं. वे विधायक व सांसद दोनों ही रूप में चुनावी राजनीति में अपना दम दिखा चुके हैं. इस समय भी बैतूल से विधायक हैं. जो और विशिष्टताएं उन्हें रेस में खड़े बाकी कद्दावर नेताओं से आगे और मजबूत करती हैं, उनमें सबसे बड़ी ताकत उनकी संघ की पृष्ठभूमि है. संघ नेता सुरेश सोनी का आशीर्वाद तो है ही, सीएम डॉ. मोहन यादव की भी वे पहली पसंद हैं.
शिवराज सिंह चौहान की भी पसंद भी हेमंत
बताया जाता है कि केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हेमंत खंडेलवाल की पैरवी की. हेमंत प्रबंधन के माहिर हैं. इसके अलावा उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली है. बीते लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने चुनाव में महती जिम्मेदारी संभाली थी. मध्यप्रदेश में सत्ता का चेहरा बदलने के बाद अब पार्टी संगठन का भी चेहरा बदल रही है तो जाहिर है कोशिश ये होगी सत्ता व संगठन का तालमेल बेहतर रहे और इस लिहाज से हेमंत खंडेलवाल सटीक हैं.
मैनेजमेंट गुरु के तौर पर भी पहचाने जाते हैं हेमंत खंडेलवाल
हेमंत खंडेलवाल पार्टी ने कोषाध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी निभाई है. बैतूल लोकसभा और विधानसभा दोनों सीटों से उन्होंने चुनाव में बीजेपी का नेतृत्व किया है और जीते भी हैं. हेमंत खंडेलवाल से पहले उनके पिता विजय कुमार खंडेलवाल बैतूल सीट से 15 साल तक सांसद रहे. उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में हेमंत को इस सीट से जीत मिली. फिलहाल हेमंत इसी सीट से दो बार से विधायक हैं.

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