अब 9000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालेगी माइक्रोसॉफ्ट
नई दिल्ली| टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट एक बार फिर बड़ी छंटनी की तैयारी में है। खबर है कि कंपनी 9,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती है, जो इसकी कुल वर्कफोर्स का 4% है। यह इस साल की दूसरी बड़ी छंटनी है। मई में 6,000 कर्मचारियों को निकाला गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम कंपनी के रिस्ट्रक्चरिंग और AI में इन्वेस्टमेंट का हिस्सा है। माना जा रहा है कि छंटनी से सेल्स, मार्केटिंग और Xbox जैसे डिवीजन प्रभावित होंगे। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि यह कदम प्रक्रियाओं को सरल बनाने और मैनेजमेंट लेयर्स कम करने के लिए है।
क्या बोली कंपनी, किस पर असर?
माइक्रोसॉफ्ट के प्रवक्ता ने बताया कि यह रिस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा है। हालांकि, यह खबर कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका है। पिछले कुछ सालों में टेक इंडस्ट्री में छंटनी की लहर देखी जा रही है और अब माइक्रोसॉफ्ट भी इससे अछूता नहीं रहा। कंपनी ने 2023 और 2024 में भी कई बार कर्मचारियों की संख्या में कटौती की थी। इस बार की छंटनी से उन कर्मचारियों पर खास असर पड़ेगा जो पुराने प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।
नई नौकरी खोजने में मदद का आश्वासन
माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि प्रभावित कर्मचारियों को सपोर्ट पैकेज और नई नौकरी खोजने में मदद दी जाएगी। कर्मचारी संगठनों और विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी छंटनियां कर्मचारियों का मनोबल तोड़ सकती हैं। माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम उसकी भविष्य की रणनीति को दिखाता है, लेकिन कर्मचारियों के लिए यह मुश्किल वक्त है।
माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेक कंपनी है, जिसमें 2 लाख 28 हजार से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। खास बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट 190 देशों में ऑपरेट होती है, जिसमें अमेरिका भी शामिल है। कंपनी का हेडक्वार्टर अमेरिका के वॉशिंगटन में है, जो 500 एकड़ में फैला है। इस कैंपस में कंपनी की 125 बिल्डिंगें हैं। इसके अलावा यहां खेल के मैदान, पार्क, जिम के अलावा अलग-अलग सुविधाएं है।

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