AI टैलेंट वरुण मोहन ने बदला गेम, गूगल और ओपनएआई में छिड़ी होड़
नई दिल्ली। AI की दुनिया में हलचल मचाने वाले एक नाम ने आज गूगल और ओपनएआई जैसी टेक दिग्गजों को आमने-सामने ला खड़ा किया है — यह नाम है वरुण मोहन, जो Windsurf कंपनी के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ रहे हैं। उनकी कंपनी की टीम को हाल ही में Google DeepMind ने अपने साथ जोड़ लिया, जिससे ओपनएआई और गूगल के बीच AI टैलेंट को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।
कौन हैं वरुण मोहन?
वरुण मोहन, कैलिफोर्निया के Sunnyvale में भारतीय प्रवासी माता-पिता के घर जन्मे और पले-बढ़े। उन्होंने प्रतिष्ठित Harker School से पढ़ाई की और गणित व कंप्यूटर ओलंपियाड में अव्वल रहे। बाद में उन्होंने MIT से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में स्नातक और मास्टर डिग्री हासिल की। उनकी विशेषज्ञता ऑपरेटिंग सिस्टम, एल्गोरिद्म, डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम, मशीन लर्निंग और परफॉर्मेंस इंजीनियरिंग में है।
Windsurf की कहानी
2021 में वरुण ने MIT के अपने मित्र डगलस चेन के साथ मिलकर Codeium की शुरुआत की, जिसे बाद में Windsurf नाम मिला। शुरुआत में कंपनी GPU वर्चुअलाइजेशन पर काम कर रही थी, लेकिन बाद में यह AI-सक्षम IDE और डेवलपर टूल्स बनाने में जुट गई।
लॉन्च के चार महीनों के भीतर Windsurf ने 10 लाख से ज्यादा डेवलपर्स को अपनी ओर आकर्षित किया और $243 मिलियन (लगभग ₹2,000 करोड़) की फंडिंग के साथ कंपनी की वैल्यूएशन $1.25 बिलियन पहुंच गई।
Google vs OpenAI: टैलेंट की जंग
OpenAI, Windsurf को $3 बिलियन में खरीदने की योजना बना रहा था, वहीं Google ने $2.4 बिलियन में Windsurf की तकनीक का नॉन-एक्सक्लूसिव लाइसेंस हासिल किया और पूरी कोर टीम को DeepMind में शामिल कर लिया। DeepMind के CEO Demis Hassabis ने इस टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया।

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