धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर प्रियंका चतुर्वेदी का सवाल: क्या छिपा रही है सरकार?
नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने पूछा कि अगर स्वास्थ्य ही वजह थी, तब यह मानसून सत्र के पहले दिन ही क्यों हुआ, उनके अचानक इस्तीफें से संसदीय कार्यवाही पर असर पड़ा। यूबीटी सांसद चतुर्वेदी ने कहा कि धनखड़ इस्तीफे से ठीक एक दिन पहले तक संसदीय कार्यवाही का संचालन कर रहे थे और मार्च में तबीयत खराब होने पर भी उन्होंने सदन में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि जनता के मन में भी कई सवाल हैं, क्योंकि सत्र के पहले दिन उपराष्ट्रपति बिल्कुल ठीक दिख रहे थे। यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने धनखड़ के इस्तीफे को राज्यसभा की कार्यवाही के लिए इमरजेंसी ब्रेक करार दिया, जिससे सदन की बैठकें नहीं हो पा रही हैं और बातचीत के विषयों का पता नहीं चल पा रहा है। सांसद चतुर्वेदी ने कहा कि सदन में पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार इन मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है और विपक्ष की विशेष सत्र की मांग को भी दबा रही है। उन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर गंभीर चिंता जाहिर की हैं। इस प्रक्रिया को लोगों के वोटिंग अधिकारों को छीनने का प्रयास बताया, क्योंकि मांगे गए दस्तावेज सभी के पास उपलब्ध नहीं हैं। शिवसेना यूबीटी गुट की सांसद चतुर्वेदी ने सवाल उठाया कि जब आधार को बैंकिंग सिस्टम में पहचान के लिए व्यापक रूप से स्वीकार कर सकते है, तब मतदाता सूची के सत्यापन में क्यों नहीं माना जा रहा। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।

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