नाग पंचमी के दिन ऐसे करें भगवान शिव की पूजा, हर पाप हो जाएगा खत्म, जीवन में आने वाले सभी संकट भी हो जाएंगे समाप्त
फिलहाल सावन का महीना चल रहा है और सावन महीने की हर तिथि बेहद शुभ और पवित्र होती है. वहींं सावन महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पूरे देश भर में नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन नाग देवता की पूजा आराधना की जाती है इसके साथ ही भगवान शिव की भी अगर विधि विधान के साथ इस दिन पूजा आराधना की जाए तो भगवान भोलेनाथ जल्द प्रसन्न हो जाते हैं. इसके साथ ही मनोवांछित फल की भी प्राप्ति होती है. क्योंकि सर्प को भी भगवान भोलेनाथ का ही दूत माना जाता है. तो आइये देवघर के ज्योतिषाचार्य से जानते हैं कि नाग पंचमी में कैसे करें भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न?
सावन महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. इस साल 29 जुलाई को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन सभी शिव मंदिर के साथ-साथ सांपों के मंदिर में भी भक्तों की भीड़ उमड़ती है. इस दिन सांपों को दूध पिलाने से या शिवलिंग के ऊपर दूध अर्पण करने से कालसर्प दोष से तो मुक्ति मिलती है इसके साथ ही ऐसे बड़े और छोटे से छोटे पाप भी समाप्त हो जाता है और जीवन में आने वाले सभी संकट समाप्त हो जाता है.
कैसे करें नाग पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि नाग पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा आराधना के साथ शिवलिंग के ऊपर दूध से अभिषेक अवश्य करें. इसके साथ ही इस दिन भगवान शिव की पूजा षोंड़शोपचार विधि से पूजा आराधना करना चाहिए. इसमें षोडशोपचार विधि से पूजा करने पर 16 चरणों में पूजा की जाती है. इसमें पाद्य, अर्घ्य, आमचन, स्नान, वस्त्र, उपवस्त्र (यज्ञोपवीत या जनेऊ) आभूषण, गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल, स्तवन पाठ, तर्पण और नमस्कार किया जाता है.

धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने
इरादों की स्याही से किशन जंगम ने लिखी सफलता की नई इबारत
स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 की तैयारियां प्रारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना में 204 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 22 विकास कार्यों की देंगे सौगात
संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?