10 हजार के लालच में फंसा जेई, लोकायुक्त ने रिश्वतखोरी का किया खुलासा
इंदौर: मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के एक जूनियर इंजीनियर को इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी इंजीनियर शैलेन्द्र पाटकर को 10 किलोवाट बिजली कनेक्शन देने के एवज में 10 हजार रुपए की घूस ले रहा था।
इंदौर शहर के पंच मूर्ति नगर के रहने वाले सूर्यकांत सोनोने ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने नलिया बाखल क्षेत्र में एक गोडाउन किराए पर लिया है, जहां वह स्टीम मशीन का व्यवसाय शुरू करना चाहता है। इसके लिए उसे 10 किलोवाट का बिजली कनेक्शन चाहिए था। उन्होंने कंपनी द्वारा निर्धारित 40 हजार रुपये की शुल्क राशि भी जमा करा दी थी, लेकिन संबंधित जूनियर इंजीनियर शैलेन्द्र पाटकर ने कनेक्शन के बदले 10 हजार रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग की।
रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेश सहाय के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार, 7 अगस्त को ट्रैप की कार्रवाई की गई। आरोपी पाटकर को आवेदक से 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
आरोपी के खिलाफ दर्ज किया मामला
लोकायुक्त की इस कार्रवाई में निरीक्षक रेनू अग्रवाल, निरीक्षक सचिन पटेरिया, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक आशीष आर्य, चेतन परिहार, राकेश मिश्रा और कमलेश परिहार शामिल रहे। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई को लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ दिए गए सख्त निर्देशों के तहत अंजाम दिया गया।

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