जीरो से हीरो बने मंगेश यादव...5.20 करोड़ में बिकने वाला यह खिलाड़ी कौन है? RCB के इस मास्टरस्ट्रोक के पीछे का राज जानिए
Who is Mangesh Yadav: अबू धाबी में हुए IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में टीमों ने कई खिलीड़ियों पर दिल खोलकर पैसा उड़ाया. मिनी ऑक्शन में मध्य प्रदेश के 23 वर्षीया मंगेश यादव विशेष आकर्षण बने. जैसे ही ऑक्शन में मंगेश का नाम आया वैसे ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच उनको खरीदने के लिए होड़ लग गई.
ऑक्शन में मंगेश यादव को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 5.20 करोड़ रुपये में खरीदा है. वहीं SRH ने भी इस भारतीय गेंदबाज को खरीदने का भरसक प्रयास किया, लेकिन हैदराबाद ने 5 करोड़ से ज्यादा बोली नहीं लगाई.
कौन हैं मंगेश यादव?
मंगेश यादव का जन्म 10 अक्टूबर 2002 को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुआ था. क्रिकेट में वो बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं. साथ ही वो दमदार बैटिंग के लिए भी जाने जाते हैं. बता दें कि मंगेश के बाएं हाथ का तेज गेंदबाज होने के कारण ही उन पर इतनी ऊंची बोली लगाई गई. हैरान करने वाली बात ये है कि उनका बेस प्राइस मात्र 30 लाख रुपये का था, लेकिन ऑक्शन में RCB ने उन्हें बेस प्राइस से 17 गुना ज्यादा रकम में खरीदा है.
क्यों लगी इतनी ऊंची बोली?
मंगेश पर लगी ऊंची बोली का बड़ा कारण सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनका दमदार प्रदर्शन रहा है. उन्होंने इस घरेलू टी20 टूर्नामेंट में 3 विकेट ले चुके हैं और एक पारी में बैटिंग करते हुए 28 रन भी बनाए थे. उन्हें MP टी20 लीग 2025 से पहचान मिली थी, जहां उन्होंने 14 विकेट हासिल किए थे. साथ ही वो पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज रहे. इसके अलावा बूची-बाबू टूर्नामेंट में पंजाब के खिलाफ उनकी 75 रनों की पारी ने भी IPL टीमों का ध्यान अपनी ओर खींचा.
खास बात ये है कि मंगेश यादव दोनों तरफ गेंद को स्विंग करने में महारत रखते हैं और सटीक यॉर्कर भी फेंकते हैं. उनको एक फुल पैकेज कहा जा सकता है क्योंकि पावरप्ले और डेथ ओवरों में प्रभावी गेंदबाजी के साथ जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. मॉर्डन टी20 में ऐसे खिलाड़ियों की मांग रहती है, जो जरूरत पड़ने पर टीम के काम आते हैं. डिफेंडिंग चैंपियन के साथ मंगेश के जुड़ने से उनके लोअर मिडिल ऑर्डर को मजबूती मिलेगी.

दमदम में पीएम मोदी का वार—“तृणमूल राज में बंगाल की पहचान खतरे में”
ममता बनर्जी का ऐलान, बोलीं- बंगाल के बाद दिल्ली हमारी
रेल यात्रियों का बुरा हाल: जबलपुर रूट की स्पेशल ट्रेनें घंटों लेट
रिपोर्ट लेट, पानी गंदा: शहर में पेयजल संकट पर हल्ला बोल
महिला आरक्षण मुद्दे पर गर्माई राजनीति, कांग्रेस का 26 अप्रैल को पैदल मार्च
कुर्सी की लड़ाई के बीच डिप्टी CM का बड़ा बयान, ‘हवा खाने नहीं आया’
बिहार विधानसभा में बहुमत की जंग, दोनों पक्षों की परीक्षा
गांवों को ‘आत्मनिर्भर बस्तियों’ में बदलने की योजना