सीएम सरमा की धमकियों और डराने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: गौरव गोगोई
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि असम के सीएम हिमंत विस्वा सरमा की धमकियों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गोगोई ने कहा कि मुख्यमंत्री की धमकियों और डराने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्हें ऐसा करते रहने दीजिए। आजकल उनकी बातों से राज्य के लोगों को फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि सीएम सरमा की धमकियों की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है।
गोगोई ने कहा कि सीएम सरमा अगले चार महीने जो चाहे कर सकते हैं, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद उन्हें जनता के बीच ही रहना होगा। सीएम पिछले कुछ महीनों से गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने का आरोप लगाते हुए लगातार हमले कर रहे हैं। कोलबर्न ब्रिटेन की नागरिक हैं। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 10 सितंबर को सीएम सरमा को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। सरमा ने पिछले सप्ताह कहा था कि यह मामला केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया जाएगा।
सीएम सरमा ने यह भी कहा कि एसआईटी जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है, अब हम गौरव गोगोई के मामले पर आगे बढ़ेंगे। गर्ग हत्याकांड में सीआईडी की विशेष जांच टीम द्वारा दाखिल आरोप-पत्र का जिक्र करते हुए गोगोई ने कहा कि राज्य के अनुभवी वकीलों की टिप्पणियों से स्पष्ट होता है कि यह आरोप-पत्र अत्यंत कमजोर है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आरोप-पत्र सीएम सरकार के करीबी सहयोगी श्यामकानु महंत को बचाने की रणनीति के तहत सोच-समझकर तैयार किया गया है। इसमें कई प्रमुख आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं, जिन्हें किया जाना चाहिए था।

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