संसद सत्र के बाद ‘चाय पर चर्चा’, PM मोदी-राजनाथ सिंह और प्रियंका गांधी एक साथ आए नजर, खूब लगे ठहाके
Parliament Session Tea on Discussion: 1 दिसंबर 2025 से शुरू हुए संसद का शीतकालीन सत्र आज शुक्रवार को संपन्न हो गया है. जहां सदन में चर्चा के दौरान दोनों पक्षों में काफी बहस और हंगामा देखने को मिला तो वहीं समापन के बाद कुछ और ही नजारा सामने आया. चाय पर चर्चा के दौरान सभी दलों के बड़े नेता एक साथ नजर आए. संसद सत्र के समापन के बाद हर बार चाय पर चर्चा आयोजन की परंपरा रही है लेकिन पिछली बार मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने इसका बॉयकॉट कर दिया था.
संसद के शीतकालीन सत्र के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद भवन स्थित अपने कक्ष में सभी राजनैतिक दलों के नेताओं और सांसदों के साथ बैठक की. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पक्ष-विपक्ष दोनों दलों के नेता उपस्थित रहे. इस दौरान खूब हंसी-मजाक हुआ.
‘चाय पर चर्चा’ में ये सांसद शामिल
चाय पर चर्चा के दौरान सत्र की कार्यवाही को लेकर अनौपचारिक चर्चाएं हुईं. इस दौरान कक्ष पर पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रियंका गांधी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू, ललन सिंह, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, किरण रिजिजू, अर्जुनराम मेघवाल, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव, राजीव राय और डीएमके सांसद ए राजा मौजूद रहे. इस दौरान सभी के बीच खूब हंसी मजाक हुआ. कुछ सांसदों ने पीएम मोदी के सामने संसद भवन में एक समर्पित हॉल की मांग रखी.
इस दौरान सांसदों ने पीएम को बताया कि इस बार का सत्र काफी उपयोगी रहा. इसे और आगे बढ़ाया जा सकता था. पीएम ने भी मजाकिया अंदाज में कहा कि विपक्ष की आवाज पर ज्यादा जोर नहीं डालना चाहते. चाय पर चर्चा में हमेशा सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष को भी आमंत्रित किया जाता है. इसे संसदीय लोकतंत्र में संवाद और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है.

छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, राहुल बोले- PM मोदी माफी मांगें, अमित शाह जिम्मेदार
शरद पवार का खुलासा: PM से हुई चर्चा के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कहानी में आया मोड़
नौकरी के नाम पर बना बंधक, युवकों की दर्दभरी कहानी सुन पुलिस भी रह गई हैरान
'यहां इस्तीफे नहीं होते'... लेकिन 12 साल में बदलते रहे मंत्री, जानिए पूरी कहानी
सीरिया में बड़ा सड़क हादसा, बस पलटने से 35 लोगों की गई जान
एक साथ 10 इस्तीफे, रालोद में उठे असंतोष के सुर, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज