हरदीडीह एनीकट मामला: गेट तोड़कर गिराया जलस्तर, रेत माफिया पर उठे गंभीर सवाल
Hardidih Anicut Case: रायपुर जिले के हरदीडीह एनीकट के गेट क्षतिग्रस्त कर जलस्तर गिराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जल संसाधन विभाग की कार्रवाई और पुलिस जांच पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विभाग ने इसे असामाजिक तत्वों की करतूत बताते हुए थाना आरंग में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी घटना रेत माफिया से जुड़ी है और जिम्मेदार लोगों को बचाने के लिए जांच को गलत दिशा में मोड़ा जा रहा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद 13 नवंबर को हरदीडीह एनीकट के सभी गेट बंद कर दिए गए थे, जिससे पर्याप्त जलभराव हो गया था। इसके कुछ दिनों बाद एनीकट के गेट क्षतिग्रस्त कर खोल दिए गए, जिसके चलते जलस्तर तेजी से गिरने लगा। सूचना मिलने पर जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और गेट पुनः बंद कराए। वर्तमान में एनीकट की कुल आठ फीट ऊंचाई में करीब पांच फीट तक जलभराव बताया जा रहा है।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि Hardidih Anicut Case कोई सामान्य तोड़फोड़ नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश है। उनका आरोप है कि जलस्तर गिरते ही क्षेत्र में अवैध रेत खनन दोबारा शुरू हो गया, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह कार्रवाई रेत निकालने को आसान बनाने के लिए की गई। इससे पहले भी इस विषय पर अवैध खनन को लेकर खबर प्रकाशित हो चुकी है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने पहले सिंचाई विभाग के एसडीओ के खिलाफ कलेक्टर को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब विभाग केवल अज्ञात लोगों की तलाश में जुटा है, जबकि सहायक खनिज अधिकारी पहले ही एक व्यक्ति के रेत खनन में संलिप्त होने की जानकारी दे चुके हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि आरोपित रेत माफिया ने स्थान बदलकर फिर से अवैध खनन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि Hardidih Anicut Case की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके और किसानों की सिंचाई व्यवस्था सुरक्षित रह सके।

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