रोहित शर्मा का दूसरा मैच निराशाजनक, पहले ही ओवर में खेल खत्म
टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने विजय हजारे ट्रॉफी में धमाकेदार वापसी करते हुए शानदार शतक जमाया था. सिक्किम के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में ही रोहित ने ताबड़तोड़ 155 रन कूटे थे. ऐसे में दूसरे मैच में भी रोहित से ऐसी ही बैटिंग की उम्मीद थी. मगर लाखों-करोड़ों फैंस की ये उम्मीद इस बार पूरी नहीं हो सकी क्योंकि ‘हिटमैन’ इस बार कुछ कमाल नहीं कर सके. उत्तराखंड के खिलाफ दूसरे मैच में रोहित ‘गोल्डन डक’ यानि पहली ही गेंद पर खाता खोले बिना आउट हो गए |
जयपुर 24 दिसंबर से शुरू हुए इस टूर्नामेंट के पहले मैच में रोहित शर्मा ने धुआंधार बैटिंग की थी. उस मैच में मुंबई के स्टार ओपनर ने सिर्फ 62 गेंदों में शतक जमाया था और 94 गेंदों की पारी में ही 155 रन कूट दिए थे. तब रोहित ने अपनी पारी में 18 चौके और 9 छक्के जमाए थे. जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में करीब 20 हजार दर्शक उस पारी का गवाह बने थे |
ऐसे आउट हुए रोहित शर्मा
ऐसे में रोहित से एक बार फिर उसी कमाल की उम्मीद लगाए हुए हजारों फैंस फिर से सवाई मानसिंह स्टेडियम पहुंचे. उनकी खुशी तब और भी बढ़ गई, जब मुंबई को पहले बैटिंग के लिए उतरना पड़ा. यानि रोहित की बैटिंग के लिए फैंस को पिछले मैच जितना इंतजार नहीं करना पड़ा. मगर ये खुशी सिर्फ 6 गेंदों के अंदर काफूर हो गई. पारी के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर रोहित शर्मा स्ट्राइक पर आए और आते ही पुल शॉट जमा दिया. मगर उन्हें सफलता नहीं मिली और अपनी पहली ही गेंद पर वो खाता खोले बिना आउट हो गए. उत्तराखंड के तेज गेंदबाज देवेंद्र बोरा को ये बड़ा विकेट मिला |
सुबह 6 बजे से ही जुटे फैंस
रोहित को खेलता देखने के लिए फैंस बेहद बेकरार थे. पहले मैच में आई भारी भीड़ और उसमें रोहित के प्रदर्शन के बाद इस मैच के लिए उत्साह और भी ज्यादा था. यही कारण था कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन ने स्टेडियम के दो स्टैंड और खोलने का फैसला किया था. वहीं फैंस कड़ाके की ठंड के बीच भी सुबह 6 बजे से ही स्टेडियम के बाहर पहुंचने लगे थे. मगर पहले ही ओवर में रोहित शर्मा के आउट होने के कारण उन्हें बेहद निराशा ही हाथ लगी |

राहुल गांधी की 6 गारंटियां: तमिलनाडु की महिलाओं और छात्रों को हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये।
प्रशासन का सख्त एक्शन: बिना लाइसेंस चल रही चांदी रिफाइनरी सील, मौके से आधुनिक मशीनें बरामद।
ईरान की सख्ती: अब जहाजों को लेनी होगी IRGC की इजाजत
अनुभव का सम्मान या परीक्षा का दबाव? पात्रता परीक्षा पर मप्र के शिक्षकों ने खोला मोर्चा
ग्रामीणों की बहादुरी से बची दो जानें, लेकिन अंचल और पूनम को नहीं बचा सका कोई
"सस्पेंड करो या कोर्ट झेलने को तैयार रहो" - भाजपा नेता संतोष परवाल की तीखी चेतावनी
20 अप्रैल तक करना होगा सरेंडर: कोर्ट ने दोषी को दी राहत, मगर पुलिस को दी नसीहत