BJP का नया मॉडल: जिला कार्यालयों में नियमित जनसुनवाई की शुरुआत
भोपाल। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सत्ता-संगठन के बीच बेहतर समन्वय के लिए जिला कार्यालयों में विधायकों की जनसुनवाई शुरू कराने की तैयारी की है. प्रदेश मुख्यालय में जिस तरह सप्ताह के 5 दिन मंत्रीगण कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुन रहे हैं. वैसे ही जिलों में भी विधायक जनसमस्याओं का निराकरण करेंगे. प्रदेश में संगठन के सभी 62 जिलों में यह व्यवस्था जल्दी ही शुरू की जाएगी।
विधायक सुनेंगे कार्यकर्ताओं की शिकायत
जिला मुख्यालयों पर भाजपा विधायक नियमित रूप से पार्टी कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनेंगे और उनका निराकरण कराएंगे. पार्टी का मानना है कि इस नवाचार से जनप्रतिनिधियों की क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी. पार्टी ने सभी जिलाध्यक्षों को इस बारे में कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं. वे सप्ताह में अवकाश के दिनों को छोड़कर अन्य दिनों के लिए विधायक की उपलब्धता के अनुसार जिला कार्यालय में निश्चित समय के लिए उनकी नियमित बैठक सुनिश्चित करें।
जिले के सभी विधायकों को सुननी होगी समस्या
जिले के सभी विधायक बारी-बारी से कार्यालय में बैठेंगे. किस दिन कौन सा विधायक उपलब्ध होगा? उसकी सूचना पहले से दी जाएगी. अभी तक लोग शिकायत करने या समस्याओं के निराकरण के लिए विधायकों की आवास के चक्कर काटते थे लेकिन बीजेपी दफ्तर में यह व्यवस्था जल्द ही शुरू होने वाली है. विधायक बाकायदा वहां बैठेंगे साथ ही लोगों की शिकायतो का निराकरण भी कराएंगे।
बीजेपी मुख्यालय में बैठ रहे मंत्री
इधर, भोपाल स्थित भाजपा मुख्यालय में मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है. सप्ताह में 5 दिन मंत्री बीजेपी दफ्तर में बैठकर प्रदेश भर से आने वाले कार्यकर्ताओं की सुनवाई करते हैं. उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश देते हैं. यही व्यवस्था जिले में लागू करने की कोशिश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की है. खास तौर पर जिला अध्यक्षों की भूमिका भी अहम हो जाएगी. जिला अध्यक्ष भी विधायकों के जरिए स्थानीय समस्याओं का निराकरण करने के लिए सक्षम होंगे।

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