SIR विवाद पर SC में बहस, कोर्ट पहुंचीं सीएम ममता
सुप्रीम कोर्ट में आज पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सुनवाई हो रही है। इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वकीलों के बीच मौजूद हैं। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ कर रही है।मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल के अपने दो साथी न्यायाधीशों से जानकारी मिली, जिन्होंने पास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया समझाई और इसी समझ के आधार पर इस मुद्दे को शामिल किया गया। मामले में सीएम ममता बनर्जी का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने बताया कि न्यायालय ने पहले तार्किक विसंगतियों की सूची प्रदर्शित करने का निर्देश दिया था।
32 लाख मतदाता सूचीबद्ध नहीं- बंगाल सरकार
अधिवक्ता श्याम दीवान ने न्यायालय से याचिकाकर्ता के संक्षिप्त नोट पर विचार करने का आग्रह किया और बताया कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए केवल चार दिन शेष हैं। उन्होंने कहा कि 32 लाख मतदाता सूचीबद्ध नहीं हैं, 1.36 करोड़ नाम तार्किक विसंगति सूची में हैं, और 63 लाख मामलों की सुनवाई अभी लंबित है। उन्होंने यह भी बताया कि 8,300 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है, जो संविधान के तहत परिकल्पित श्रेणी नहीं है। दीवान ने आगे कहा कि निवास प्रमाण पत्र, आधार और ओबीसी प्रमाण पत्र सहित कई स्वीकृत दस्तावेजों को अस्वीकार किया जा रहा है, जिससे लोगों को चार से पांच घंटे तक कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची सीएम ममता बनर्जी
ECI के SIR से जुड़े आदेश रद्द करने की मांग
अपनी याचिका में, प्रशिक्षित अधिवक्ता ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा 24 जून, 2025 और 27 अक्तूबर, 2025 को जारी किए गए सभी एसआईआर संबंधी आदेशों और उनसे जुड़े सभी निर्देशों को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग को आगामी विधानसभा चुनाव अपरिवर्तित 2025 मतदाता सूची के आधार पर कराने का निर्देश देने के लिए परमादेश याचिका भी दायर की है। उनका तर्क है कि एसआईआर का 2002 की आधारभूत सूची पर निर्भरता और इसकी कठिन सत्यापन प्रक्रिया वास्तविक मतदाताओं के मतदान अधिकारों के लिए खतरा है।
टीएमसी सांसदों की याचिका पर सुनवाई आज
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ मोस्तरी बानू और टीएमसी सांसदों डेरेक ओ ब्रायन व डोला सेन की तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ममता ने अलग से एक याचिका दाखिल की है।

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