LNCT में आयोजित संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयामों पर चर्चा
भोपाल। एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) तथा स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मॉस कम्यूनिकेशन के संयुक्त तत्त्वावधान में भारतीय ज्ञान परंपरा और संचार विषय पर एक शोधपरक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के संचार विभाग के विभागाध्यक्ष ,भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एलएनसीटी यूनिवर्सिटी भोपाल के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मॉस कम्यूनिकेशन की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अनु श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी का पारंपरिक रूप से शाल और श्रीफल से स्वागत किया गया। अपने व्याख्यान में उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की संचार दृष्टि पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की परंपरागत ज्ञान प्रणाली संवाद, लोकबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित रही है। उन्होंने वेद, उपनिषद, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक आख्यानों में निहित संचार तत्वों को रेखांकित करते हुए बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा आधुनिक मीडिया और जनसंचार के लिए भी वैचारिक आधार प्रदान करती है। प्रो. (डॉ.) द्विवेदी ने कहा कि भारतीय संचार दृष्टि केवल सूचना के प्रसार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज में नैतिकता, संवेदनशीलता और लोकमंगल की भावना को सशक्त करती है। वैश्विक और डिजिटल संचार के वर्तमान दौर में भारतीय ज्ञान परंपरा का पुनर्पाठ अत्यंत प्रासंगिक है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन संचार से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछे। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य वक्ता को स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया। संगोष्ठी का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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