संसद में अखिलेश यादव बोले- लोहे पर पीतल चढ़ाकर भी बेटी की विदाई नहीं हो पाएगी
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा में आम बजट पर हुई बहस में हिस्सा लेते हुए अमेरिका से डील, किसानों को राहत और सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि सोने के भाव कहां पहुंच गए? अब तो चांदी तो दूर. यह सरकार चलती रही तो गरीब लोहे पर पीतल चढ़ाकर अपनी बेटी की विदाई नहीं कर पाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा के हर बजट एक बटा 20 मानते हैं और यह केवल पांच फीसदी लोगों के लिए है.
उन्होंने कहा कि सरकार बताये कि पहले डील तय हुई या फिर बजट. उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि जीरो बड़ा है या अठारह. उन्होंने अमेरिका के साथ हुई डील पर सवाल करते हुए कहा कि क्या डील ने आत्मनिर्भरता की परिभाषा बदल दी है? उन्होंने कहा कि यह बजट दिशाहीन है. इस बजट में कोई विजन नहीं है कि 2047 भारत विकसित बन जाएगा. इस सरकार से पहले ही उम्मीद नहीं थी. इस बजट में पीडीए के लिए कुछ नहीं है. ऐसा लग रहा है कि सरकार ने इनके बारे में सोचना छोड़ दिया है.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए कोई खास योजना नहीं है, जिससे उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को मुख्य धारा से जोड़ी जाए. उन्होंने कहा कि आज भी किसानों को जो कानूनी गारंटी मिलनी चाहिए, अभी तक सरकार नहीं दे पाई है. उन्होंने कहा कि दूध के उत्पादन पर एमएसपी की गारंटी कैसे देंगे. भाजपाई किसानों को लाभ नहीं पहुंचाना चाहते हैं. कुछ अदृश्य लोगों को लाभ पहुंचाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बजट में आम जनता का न तो जिक्र है और न ही फ्रिक रहता है. यदि फिक्र रहता तो किसानों को खाद समय पर मिल जाते, बीज समय पर मिल जाते. सरकार ने किसानों को अपने हाल पर छोड़ दिया है. अखिलेश यादव ने मणिकर्णिका घाट में अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने की आलोचना की और गंगा की सफाई पर भी सवाल उठाए.

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