MCB में धान खरीदी का सफल मॉडल, 34% से अधिक उठाव पूरा
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में MCB धान खरीदी 2025-26 ने प्रशासनिक दक्षता की नई मिसाल पेश की है। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में धान प्रबंधन सीधे किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा होता है। ऐसे में जिले ने खरीदी और उठाव प्रक्रिया को जिस प्रभावी ढंग से संचालित किया, वह भरोसे और सुशासन का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है।
इस वर्ष 19,058 किसानों से 8,79,848 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई। यह आंकड़ा सरकारी प्रणाली के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। कुल उपार्जन में से 3,06,170 क्विंटल यानी 34.84% धान का उठाव अब तक पूरा हो चुका है। स्पष्ट है कि प्रशासन ने केवल लक्ष्य तय नहीं किए, बल्कि उनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी समान जोर दिया।
धान उठाव में भंडारण और परिवहन सबसे बड़ी चुनौती होती है। जिले में ट्रकों की समय पर उपलब्धता, मिलों तक सीधी आपूर्ति और पर्याप्त श्रमिकों की तैनाती से उपार्जन केंद्रों पर दबाव कम हुआ। डिजिटल मॉनिटरिंग और नियमित समीक्षा बैठकों ने प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया। MCB धान खरीदी 2025-26 में भुगतान और मूल्य सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
हालांकि कुछ केंद्रों पर उठाव की गति धीमी रही, लेकिन प्रशासन ने अतिरिक्त संसाधन और श्रमिक बढ़ाकर समस्या का समाधान किया। इससे किसानों का भरोसा और मजबूत हुआ।
तेज उठाव से मिलों में प्रसंस्करण कार्य भी जल्दी शुरू हुआ। इससे स्थानीय रोजगार और बाजार गतिविधियों को गति मिली। कुल मिलाकर, MCB धान खरीदी 2025-26 प्रशासन और किसानों के समन्वय का सफल मॉडल बनकर उभरी है।

राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन