सदन में भ्रामक जानकारी देना पड़ा भारी, इंदौर निगम उपायुक्त पर कार्रवाई
इंदौर। विधानसभा में गलत जानकारी भेजने के मामले में सरकार ने इंदौर नगर निगम की उपायुक्त लता अग्रवाल को निलंबित कर दिया है. हालांकि जिस जवाब को लेकर कार्रवाई की गई, वह आईएएस अधिकारियों समेत नौ वरिष्ठ अफसरों की टेबल से गुजरने के बाद विधानसभा में भेजा गया था. ऐसे में सिर्फ एक अधिकारी पर कार्रवाई होने से प्रशासनिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं।
सदन में कहा था- शहर में एक भी सफाई निरीक्षक नहीं
मामला इंदौर नगर निगम से जुड़े एक सवाल का है, जिसमें विधानसभा में यह जानकारी दी गई कि शहर में एक भी सफाई निरीक्षक (सैनिटरी इंस्पेक्टर) नहीं है. बाद में यह जानकारी गलत पाई गई. इसके बाद सरकार ने जवाब तैयार करने में लापरवाही मानते हुए उपायुक्त को सस्पेंड कर दिया. जानकारी के मुताबिक, विधानसभा में भेजे जाने वाले जवाब की फाइल नगर निगम के कई स्तरों से होकर गुजरती है. इसमें संबंधित शाखा, वरिष्ठ अधिकारी और आईएएस स्तर के अधिकारी भी शामिल रहते हैं. इसके बावजूद कार्रवाई केवल उपायुक्त तक सीमित रहने से पूरे मामले पर चर्चा तेज हो गई है।
‘जिम्मेदारी सामूहिक रूप से तय होनी चाहिए’
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा के प्रश्नों के जवाब तैयार करने की प्रक्रिया में हर स्तर पर तथ्यों का परीक्षण होना चाहिए. लेकिन इस मामले में कई स्तरों पर फाइल गुजरने के बावजूद गलती पकड़ में नहीं आई.प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यदि जवाब कई अधिकारियों की टेबल से होकर गया था तो जिम्मेदारी भी सामूहिक रूप से तय होनी चाहिए. फिलहाल सरकार ने इस मामले में उपायुक्त को निलंबित करते हुए आगे की जांच के संकेत दिए हैं।

NEET पेपर लीक पर सिंधिया का जवाब, दतिया उपचुनाव में BJP की जीत का किया दावा
वैभव सूर्यवंशी के वायरल सेलिब्रेशन का सच आया सामने, खुद किया खुलासा
विदेश में भारतीय मजदूर की हत्या, इजरायली नागरिक पर लगा आरोप
पावर बैंक ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी, मॉस्को की इन्फ्लुएंसर अन्ना अस्पताल पहुंचीं
मुद्दों को लेकर विपक्ष आक्रामक, लोकसभा 27 जुलाई तक के लिए स्थगित
करोड़ों के बजट पर CAG का शिकंजा, अप्रयुक्त राशि को लेकर उठे सवाल
वन विभाग के रेस्क्यू में मिला दुर्लभ ल्यूसिस्टिक करैत, विशेषज्ञ भी हुए हैरान