जानबूझकर या लगातार खतरनाक गेंद पर ही हटाया जाता है बॉलर
IPL 2026: दो 'बीमर' डालने के बाद भी कार्तिक त्यागी ने कैसे जारी रखी गेंदबाजी? समझें नियम का गणित
आईपीएल 2026 के एक रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी के एक ओवर ने मैदान पर विवाद और चर्चा छेड़ दी। मैच के अंतिम ओवर में त्यागी ने दो बार 'बीमर' (कमर से ऊपर फुल टॉस) गेंदे फेंकी, लेकिन इसके बावजूद अंपायर ने उन्हें गेंदबाजी से नहीं हटाया।
सोशल मीडिया पर फैंस और एक्सपर्ट्स के बीच इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या अंपायर का फैसला सही था? आइए जानते हैं आईपीएल 2026 के नियमों की बारीकियां।
मैदान पर क्या हुआ?
अंतिम ओवर में लखनऊ को जीत के लिए 17 रनों की दरकार थी। दबाव के बीच कार्तिक त्यागी ने बल्लेबाज हिम्मत सिंह को दो बार कमर से ऊपर फुल टॉस गेंदें डालीं। पहली गेंद पर अंपायर ने नो-बॉल का इशारा किया। जब दूसरी बार भी वैसी ही गेंद आई, तो सभी को लगा कि नियम के मुताबिक त्यागी को अब गेंदबाजी से हटा दिया जाएगा, लेकिन अंपायर ने उन्हें ओवर पूरा करने की अनुमति दी।
क्या कहता है नियम (क्लॉज 41.7)?
ज्यादातर लोग मानते हैं कि दो बीमर का मतलब गेंदबाज का सस्पेंशन है, लेकिन आईपीएल 2026 की 'प्लेइंग कंडीशंस' में 'अनफेयर' (अनुचित) और 'डेंजरस' (खतरनाक) गेंदों के बीच स्पष्ट अंतर किया गया है:
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अनफेयर गेंद (क्लॉज 41.7.1): कोई भी गेंद जो बिना टप्पा खाए बल्लेबाज की कमर से ऊपर गुजरती है, उसे सीधे तौर पर 'अनफेयर' माना जाता है और अंपायर नो-बॉल देता है।
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डेंजरस गेंद (क्लॉज 41.7.2): किसी बीमर को 'खतरनाक' तभी माना जाता है जब अंपायर को लगे कि गेंद की गति, ऊंचाई और दिशा से बल्लेबाज को चोट लग सकती है। इस निर्णय में अंपायर यह देखता है कि क्या ऐसी गेंदों की पुनरावृत्ति हो रही है।
अहम बात: गेंदबाज को मैच से तभी हटाया जाता है जब वह दो 'खतरनाक' (Dangerous) श्रेणी की बीमर फेंकता है। कार्तिक त्यागी की दूसरी बीमर को अंपायर ने केवल 'अनुचित' माना, 'खतरनाक' नहीं। इसी तकनीकी बिंदु की वजह से उन्हें गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति मिली।
मैच का निर्णायक मोड़
कार्तिक त्यागी ने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाया। फ्री-हिट पर चौका खाने के बाद उन्होंने अगली ही गेंद पर विकेट झटका और रनों की गति पर अंकुश लगाया।
हालाँकि, रोमांच यहीं खत्म नहीं हुआ। अंतिम गेंद पर मोहम्मद शमी ने छक्का जड़कर स्कोर बराबर कर दिया और मैच को सुपर ओवर में खींच लिया। सुपर ओवर में लखनऊ की टीम दबाव नहीं झेल सकी और सिर्फ 1 रन बनाकर ढेर हो गई, जिसे केकेआर ने पहली ही गेंद पर चौका मारकर हासिल कर लिया।

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