भ्रष्टाचार पर सरकार सख्त, इंदौर के PWD अफसर पर गिरी गाज
इंदौर: पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग में रिश्वत के बड़े खेल का पर्दाफाश करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने तीन अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ठेकेदार राजपाल सिंह पंवार की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठेकेदार का लगभग 30 लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ था, जिसे जारी करने के बदले अधिकारी कमीशन मांग रहे थे।
सुनियोजित तरीके से दबोचे गए अधिकारी
लोकायुक्त की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और रिकॉर्डिंग के आधार पर जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान उपयंत्री और एसडीओ को कार्यालय से, जबकि कार्यपालन यंत्री को उनके निवास से हिरासत में लिया गया। आरोपियों ने रिश्वत के करीब ढाई लाख रुपये छिपाने का प्रयास किया, लेकिन टीम की मुस्तैदी से रकम बरामद कर ली गई।
कड़ा एक्शन: निलंबन और ग्वालियर रवानगी
भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और उनका मुख्यालय ग्वालियर अटैच कर दिया है। प्रशासन का यह कदम संदेश देता है कि अनैतिक गतिविधियों के लिए सिस्टम में कोई जगह नहीं है।
बढ़ सकती है आरोपियों की मुश्किलें
इस खुलासे के बाद अब पुराने प्रोजेक्ट्स और शिकायतों की फाइलें भी दोबारा खोली जा रही हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच का दायरा बढ़ने पर कई और सफेदपोश चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। यह कार्रवाई उन ठेकेदारों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जिनका भुगतान लंबे समय से कमीशन की भेंट चढ़ा हुआ था।

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