उच्च गुणवत्ता के लिए ओएफके को गोल्डन पीकॉक अवार्ड-2026
जबलपुर: भारतीय रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट गुणवत्ता प्रबंधन, अत्याधुनिक कार्यप्रणाली और नवाचारों की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते हुए म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड के अधीन संचालित आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सैन्य साजो-सामान और गोला-बारूद बनाने वाली इस प्रमुख इकाई को देश के प्रतिष्ठित 'गोल्डन पीकॉक क्वालिटी अवार्ड 2026' से नवाजा गया है। एक गरिमामय और भव्य समारोह के दौरान आयुध निर्माणी खमरिया के मुख्य महाप्रबंधक शैलेश वगेरवाल ने इस गौरवशाली पुरस्कार को ग्रहण किया, जिससे रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में इस फैक्ट्री की तकनीकी सुदृढ़ता और विश्वसनीयता को एक नया आयाम मिला है।
गुणवत्ता नियंत्रण और कड़े सुरक्षा मानकों को राष्ट्रीय पहचान
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार आयुध निर्माणी खमरिया द्वारा सैन्य उत्पादों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने और उत्पादन के हर चरण में कड़े सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की दिशा में किए गए असाधारण प्रयासों पर मुहर लगाता है। फैक्ट्री प्रशासन ने आधुनिक रक्षा तकनीकों के प्रभावी उपयोग और निरंतर सुधार की नीतियों को अपनाकर उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इस पुरस्कार समारोह के विशेष अवसर पर अपर महाप्रबंधक कुमार अम्बेडकर भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह स्वीकृति फैक्ट्री की तकनीकी विशेषज्ञता और कड़े अनुशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
सामूहिक परिश्रम और टीम वर्क का ऐतिहासिक प्रतिफल
इस ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि पर गहरा हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्य महाप्रबंधक शैलेश वगेरवाल ने इसका पूरा श्रेय फैक्ट्री के संपूर्ण स्टाफ को दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि संस्थान के प्रत्येक अधिकारी, इंजीनियर और कर्मचारी की सामूहिक प्रतिबद्धता, कड़े परिश्रम तथा राष्ट्र सेवा के प्रति उनके अटूट समर्पण का परिणाम है। फैक्ट्री के भीतर काम करने वाले हर वर्ग ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाया है, जिसके चलते आज यह रक्षा इकाई देश के गिने-चुने सर्वश्रेष्ठ संस्थानों की सूची में शीर्ष पर खड़ी होने में सफल रही है।
आत्मनिर्भर भारत और उन्नत रक्षा उत्पादन का नया विजन
आयुध निर्माणी खमरिया को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल इस फैक्ट्री के लिए बल्कि मूल कंपनी म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड के पूरे परिवार के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण क्षण है। फैक्ट्री प्रबंधन ने इस अवसर पर देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को और अधिक दोहराया है। आने वाले समय में देश की सेनाओं के लिए अधिक मारक, सटीक और अत्याधुनिक हथियारों तथा गोला-बारूद का निर्माण करने के लिए नए मानक स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि विदेशी निर्भरता को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।

युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव