फर्जी डॉक्टरों का सच आया सामने, जबलपुर और दमोह में गिरफ्तारी
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर और दमोह जिलों में पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए तीन नकली डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी एमबीबीएस डिग्री और जाली दस्तावेजों के आधार पर पिछले कई महीनों से नामी अस्पतालों और क्लीनिकों में मरीजों का इलाज कर रहे थे।
अनजान फोन कॉल से हुआ बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा
इस पूरे मामले का पर्दाफाश दमोह के सीएमएचओ (CMHO) डॉ. राजेश अठया को आई एक गुप्त फोन कॉल के बाद हुआ। एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन पर सूचना दी कि दमोह के संजीवनी क्लीनिक में दो डॉक्टर फर्जी डिग्री के सहारे प्रैक्टिस कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद जब स्वास्थ्य विभाग की कमेटी ने उनके दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, तो मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन और एमबीबीएस की डिग्रियां पूरी तरह जाली पाई गईं।
दमोह से हुई पहली गिरफ्तारी, आरोपियों ने उगला जबलपुर का राज
जांच में दोषी पाए जाने के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दमोह के आरोग्य केंद्र (संजीवनी क्लीनिक) से डॉ. कुमार सचिन यादव (निवासी ग्वालियर) और डॉ. राजपाल गौर (निवासी सीहोर) को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों आरोपी पिछले करीब एक साल से यहां नौकरी कर रहे थे। पुलिस पूछताछ के दौरान इन दोनों ने ही जबलपुर में छुपे तीसरे फर्जी डॉक्टर का नाम उगल दिया।
जबलपुर के संजीवनी अस्पताल में ढाई साल से तैनात था फर्जी डॉक्टर
दमोह में पकड़े गए आरोपियों से मिली लीड के आधार पर पुलिस की एक टीम तुरंत जबलपुर पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस की मदद से संजीवनी अस्पताल में पिछले ढाई साल से नौकरी कर रहे फर्जी डॉक्टर अजय मौर्य (निवासी मुरैना) को हिरासत में ले लिया गया। अजय भी जाली दस्तावेजों के दम पर इतने लंबे समय से अस्पताल को धोखा दे रहा था।
पैसों के बदले डिग्रियां बेचने वाले बड़े रैकेट की तलाश में पुलिस
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह एक संगठित रैकेट का हिस्सा हो सकता है, जहां भारी रकम लेकर लोगों को फर्जी एमबीबीएस डिग्री और मेडिकल काउंसिल के जाली रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बांटे जा रहे थे। पुलिस अब उन मुख्य आरोपियों और जालसाजों की तलाश में जुट गई है जो इस रैकेट को ऑपरेट कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में कुछ और भी फर्जी डॉक्टर सक्रिय हो सकते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
हादसे के बाद प्रशासन सख्त, सुपरवाइजर पर गिरी गाज और कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव! प्रल्हाद जोशी ने संभाला कार्यभार