पर्यावरण संरक्षण की मिसाल: राजाबाबू सिंह की पहल से तिघरा बना ‘ऑक्सीजन हब’
ग्वालियर| ग्वालियर के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पी.टी.एस.) तिघरा में आयोजित ‘मंगल प्रकृति संजीवन’ कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। मध्य प्रदेश में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG), रेलवे के पद पर कार्यरत 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री राजाबाबू सिंह के नेतृत्व में 172 एकड़ बंजर और उपेक्षित भूमि को हरित क्षेत्र में परिवर्तित कर दिया गया है।इस पहल के तहत अब तक 16,000 से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिससे तिघरा क्षेत्र को एक नए ‘ऑक्सीजन हब’ के रूप में विकसित किया गया है। कभी बंजर और झाड़ियों से भरी यह भूमि आज हरियाली से आच्छादित होकर जैव-विविधता का उदाहरण बन चुकी है।पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके इस उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री राजाबाबू सिंह को ‘राज्य जैव-विविधता पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता श्यामू ठाकुर ने उपस्थित रहकर उनका स्वागत एवं सम्मान किया।विशेष बात यह है कि यह संपूर्ण परियोजना बिना किसी सरकारी बजट के, समाज के सहयोग और जनसहभागिता के माध्यम से साकार हुई है। यह मॉडल न केवल मध्य प्रदेश बल्कि देशभर के लिए पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।श्री राजाबाबू सिंह की यह पहल न सिर्फ वर्तमान में पर्यावरण को संवार रही है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सशक्त हरित विरासत भी तैयार कर रही है।

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