रसोई गैस पर सरकार की बड़ी मेहरबानी: 10 करोड़ से अधिक परिवारों को मिल रहा ₹587 तक सस्ता सिलेंडर, बजट को मिला सहारा
नई दिल्ली | अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं। वैश्विक स्तर पर मची इस उथल-पुथल का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है, जिसके चलते देश में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जा चुके हैं। हाल ही में मार्च महीने में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी 60 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसके अलावा व्यापारिक उपयोग वाले कमर्शियल सिलेंडरों के दाम भी पहले मई में 993 रुपये और अब जून में 42 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि, इस वैश्विक महंगाई के बावजूद भारत के 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी सिलेंडर इसकी वास्तविक लागत से करीब 587 रुपये तक सस्ता मिल रहा है।
सब्सिडी का बड़ा सहारा, आम जनता और उज्ज्वला लाभार्थियों को मिल रही भारी राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार के समीकरणों को देखें तो भारत में एक एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक सप्लाई लागत लगभग 1200 रुपये बैठती है। इसके बावजूद सरकारी सब्सिडी के चलते आम उपभोक्ताओं की जेब पर इसका सीधा बोझ नहीं पड़ रहा है। वर्तमान में बिना सब्सिडी वाले सामान्य नागरिक एक सिलेंडर के लिए लगभग 913 रुपये चुका रहे हैं, जो इसकी वास्तविक लागत से 287 रुपये कम है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत आने वाले गरीब परिवारों को सरकार की तरफ से विशेष राहत दी जा रही है। सरकार इन लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी (DBT) ट्रांसफर करती है, जिससे उन्हें यह सिलेंडर केवल 613 रुपये का पड़ता है। वहीं, जिन राज्यों में वैट (VAT) की दरें कम हैं या जहां राज्य सरकारें अपनी तरफ से 20-25 रुपये की अतिरिक्त छूट दे रही हैं, वहां यह सिलेंडर वास्तविक लागत से 587 रुपये तक सस्ता मिल रहा है।
मुफ्त गैस कनेक्शन के लिए पात्रता और जरूरी शर्तें
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नया गैस कनेक्शन लेने और इस विशेष सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ अनिवार्य नियम तय किए हैं, जो इस प्रकार हैं:
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योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन केवल परिवार की सबसे बड़ी वयस्क महिला (जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो) के नाम पर ही जारी किया जा सकता है।
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आवेदन करने वाली महिला के राशन कार्ड या उसके पूरे परिवार में किसी भी गैस कंपनी (जैसे इंडेन, एचपी, या भारत गैस) का कोई दूसरा चालू एलपीजी कनेक्शन पहले से मौजूद नहीं होना चाहिए।
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आवेदक महिला का परिवार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी का होना चाहिए।
इन विशेष वर्गों को भी मिलेगा योजना का सीधा लाभ
गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के अलावा सरकार ने इस कल्याणकारी योजना का दायरा अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए भी खोला है। नियमों के मुताबिक, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आने वाले लाभार्थी, अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के कार्डधारक, वनवासी, अति पिछड़ा वर्ग (MBC), चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिक और नदी द्वीपों पर रहने वाले लोग भी इस मुफ्त एलपीजी कनेक्शन योजना के लिए पूरी तरह पात्र माने गए हैं।

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