शिवकुमार कैबिनेट में खलबली, रामलिंगा रेड्डी का फैसला राजनीति में उठा सकता भूचाल
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार में मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के तुरंत बाद कांग्रेस सरकार के भीतर से असंतोष की खबरें आ रही हैं। वरिष्ठ मंत्री रामलिंगा रेड्डी कैबिनेट में मिले नए विभाग से काफी नाराज बताए जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें जल संसाधन विभाग (वाटर रिसोर्सेज) की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे वे बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने इस फैसले पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है। चर्चाएं तो यहां तक हैं कि रेड्डी इस नाराजगी के चलते शुक्रवार को अपने मंत्री पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं।
मनपसंद विभाग न मिलने से उपजा विवाद
विवाद की शुरुआत तब हुई जब मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार रात अपने कैबिनेट के 13 मंत्रियों के विभागों का आवंटन किया। इस फेरबदल में रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन मंत्रालय सौंपा गया। हालांकि, अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि रेड्डी को पूरा भरोसा था कि उन्हें बंगलूरू विकास विभाग की जिम्मेदारी मिलेगी और वे इसी महत्वपूर्ण विभाग की उम्मीद लगाए बैठे थे। मनमुताबिक काम न मिलने से वे आहत हैं।
बैठक छोड़कर बाहर निकले और पुराना वादा याद दिलाया
सूत्रों के मुताबिक, विभागों के बंटवारे को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री के साथ हुई हाई-लेवल बैठक के दौरान ही रामलिंगा रेड्डी ने अपना विरोध दर्ज करा दिया था और वे नाराज होकर बैठक के बीच से ही बाहर निकल गए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को साल 2023 में किए गए उस पुराने वादे की भी याद दिलाई, जिसमें कथित तौर पर उनसे कहा गया था कि जब भी भविष्य में कैबिनेट में बदलाव होगा, उन्हें बंगलूरू विकास विभाग सौंप दिया जाएगा। हालांकि, इस पूरे सियासी घटनाक्रम और नाराजगी पर सरकार या मुख्यमंत्री की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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