सुनील सरयाम मामले में जांच तेज, मेडिकल स्टाफ पर गिरी गाज
मंडला। बम्हनी बंजर थाना परिसर में बने सरकारी आवास में कांस्टेबल सुनील सरयाम द्वारा फंदा लगाकर जान देने के मामले में पुलिस महकमे ने एक बड़ा और चौंकाने वाला पर्दाफाश किया है। इस खौफनाक आत्मघाती कदम के बाद घटना स्थल से बरामद हुए सुसाइड नोट और शुरुआती तफ्तीश के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को अपनी कस्टडी में ले लिया है। पकड़े गए आरोपियों में बम्हनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत दो महिला स्टाफ नर्स और उनमें से एक नर्स का सगा भाई शामिल है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, सिपाही ने मौत को गले लगाने से पहले लिखे अपने आखिरी खत में इन तीनों व्यक्तियों को अपनी जीवनलीला समाप्त करने के लिए सीधे तौर पर कसूरवार ठहराया था।
आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए चल रहा था ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल
पुलिस की गहन पड़ताल में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि कोरोना महामारी (कोविड काल) के दौरान ड्यूटी के सिलसिले में आरक्षक सुनील का संपर्क इन दोनों स्टाफ नर्सों से हुआ था। आरोप है कि इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर आरोपियों ने किसी तरह आरक्षक की कुछ बेहद निजी और आपत्तिजनक तस्वीरें अपने पास सुरक्षित कर ली थीं। इसके बाद इन तस्वीरों को सोशल मीडिया और इंटरनेट पर सार्वजनिक (वायरल) करने का डर दिखाकर आरोपी लगातार कांस्टेबल को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। वे इन तस्वीरों के बदले आरक्षक से लगातार मोटी रकम वसूल रहे थे और मांग पूरी न होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहे थे।
मानसिक शोषण से तंग आकर उठाया कदम, संगीन धाराओं और एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों द्वारा दिए जा रहे निरंतर मानसिक तनाव, दबाव और मानहानि के डर से बुरी तरह टूट चुके आरक्षक ने आखिरकार तंग आकर मौत का रास्ता चुन लिया। पुलिस को जांच के दौरान मृतक के फोन और अन्य माध्यमों से ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ना से जुड़े कई पुख्ता और तकनीकी सबूत हाथ लगे हैं। इन पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर स्थानीय पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ ब्लैकमेल करने, आपराधिक साजिश रचने, जान से मारने की धमकी देने की गैर-जमानती धाराओं सहित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी एससी/एसटी एक्ट के तहत गंभीर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने तीनों को अदालत के समक्ष पेश कर दिया है, जहां से आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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