आस्था पर वार! कवर्धा के प्रसिद्ध मंदिर से बजरंगबली का मुकुट चोरी
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा शहर से आस्था को ठेस पहुंचाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ के नवीन बाजार स्थित रेवाबंध तालाब के पास बने ऐतिहासिक बजरंगबली मंदिर को अज्ञात चोरों ने अपना निशाना बनाया है। शातिर चोर मंदिर के भीतर दाखिल होकर भगवान बजरंगबली की मूर्ति पर सजा कीमती मुकुट चोरी कर मौके से रफूचक्कर हो गए। जैसे ही सुबह इस चोरी की घटना की जानकारी स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को हुई, पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। पवित्र धार्मिक स्थल पर हुई इस वारदात की सूचना तुरंत कोतवाली पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने फौरन मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
लाखों रुपये की कीमत का था भगवान का मुकुट
मंदिर के सेवादारों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, चोरों ने भगवान बजरंगबली के जिस मुकुट पर हाथ साफ किया है, उसका वजन करीब 30 तोले (लगभग 350 ग्राम) बताया जा रहा है। चांदी के इस भारी-भरकम मुकुट की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। कवर्धा जिले में मंदिर के भीतर घुसकर इस तरह की वारदात को अंजाम देना कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के कई अन्य प्रमुख मंदिरों से चोरी की बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हैं। इस ताजा घटना ने एक बार फिर कवर्धा शहर की कानून-व्यवस्था और रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। कोतवाली पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि चोरों और संदिग्धों का सुराग लगाने के लिए मंदिर परिसर के साथ-साथ रेवाबंध तालाब और नवीन बाजार के आसपास के संवेदनशील इलाकों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस कुछ स्थानीय संदेहियों से भी इस सिलसिले में पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही चोरों को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबोच लिया जाएगा और चोरी गया मुकुट बरामद कर लिया जाएगा।
आक्रोशित नागरिकों ने दी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की चेतावनी
इस बीच, घटना से नाराज कवर्धा के नागरिकों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि किसी भी प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल पर ऐसी चोरी की वारदात होना सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन की लापरवाही और ढीली सुरक्षा व्यवस्था को उजागर करता है। आक्रोशित नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने तुरंत चोरों को गिरफ्तार नहीं किया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शहर के सभी प्रमुख और प्राचीन मंदिरों के आसपास पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत मजबूत किया जाए।

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