मुस्लिम नेतृत्व का दावा करने वाला तुर्की खुद मोसाद की जासूसी में लिप्त!
तुर्की: तुर्की दुनिया भर में ये ढोंग रचता फिरता है कि वह मुस्लिम दुनिया नेतृत्व करेगा. लेकिन उसके अधिकारी तो इजराइली एजेंसी मोसाद का नेतृत्व कर रहे हैं. तुर्की मीडिया के मुताबिक तुर्की अधिकारियों ने एक पूर्व पुलिस अधिकारी की पहचान मोसाद की संचालित जासूसी नेटवर्क के नेता के रूप में की है, जिसने तुर्की में फिलिस्तीनी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया था. इस मामले के सामने आने के बाद तुर्की बेनकाब हो गया है, क्योंकि राष्ट्रपति रैचप तैयब एर्दोआन गाजा युद्ध की शुरुआत से ही इजराइली हमलों का विरोध कर रहे हैं. इस खुलासे के बाद उनके विरोधी उनके ऊपर हमलावर है कि वह अपने ही देश में फिलिस्तीनियों को सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं.
मोसाद ने तुर्की में जमाए पैर
यह मामला तुर्की में बढ़ती खुफिया गतिविधियों को दिखाता है, क्योंकि विदेशी जासूसी नेटवर्क, खासकर से मोसाद, कथित तौर पर बढ़ते इजराइल-फिलिस्तीनी तनाव के बीच तुर्की की सीमाओं के भीतर काम कर रहे हैं.
तुर्की पुलिस अधिकारी ही निकला इजराइल का जासूस
पूर्व पुलिस अधिकारी गोनेन कराकाया को तुर्की में मोसाद के नेटवर्क का प्रमुख बताया गया, जिसने कथित तौर पर इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद की ओर से कम से कम आठ फिलिस्तीनी व्यक्तियों के बारे में खुफिया जानकारी दी थी. कराकाया को उनके सहयोगी अहमद युर्त्सेवेन और पांच अन्य लोगों के साथ 2024 में इस्तांबुल और इज़मिर में किए गए छापों में तुर्की के राष्ट्रीय खुफिया संगठन (एमआईटी) ने हिरासत में लिया था.
640 सालों की होगी जेल
इस्तांबुल के मुख्य लोक अभियोजक कार्यालय की ओर से जांच पूरी होने के बाद, सभी सात संदिग्धों पर औपचारिक रूप से आरोप लगाए गए हैं. इस समूह के खिलाफ अभियोजक संयुक्त रूप से 640 साल तक की जेल की सजा की मांग कर रहे हैं.

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