राहुल गांधी के नेतृत्व में केरल में कांग्रेस का चुनाव अभियान तेज
Kerala Election 2026: कांग्रेस का पूरा फोकस केरल विधानसभा चुनाव पर है। इसका कारण यह है कि गांधी परिवार की प्रतिष्ठा सीधे तौर पर इस चुनाव से जुड़ी हुई है। इसके चलते लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव संगठन के.सी. वेणुगोपाल व वरिष्ठ पर्यवेक्षक सचिन पायलट ने केरल में डेरा डाल रखा है, जबकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार को असम में तीन सभाएं करेंगी।
दरअसल, केरल के वायनाड से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सांसद हैं। इससे पहले इसी सीट से राहुल गांधी भी सांसद रह चुके हैं। दोनों नेताओं के केरल से जुड़ाव होने के चलते गांधी परिवार की साख इन चुनावों में दांव पर लगी हुई है। यही वजह है कि राहुल गांधी पिछले दो दिन से केरल के दौरे पर हैं। वेणुगोपाल और सचिन पायलट ने भी केरल में डेरा डाल रखा है। इनके अलावा कई अन्य वरिष्ठ नेता लगातार केरल का दौरा कर रहे हैं। गौरतलब है कि केरल में कांग्रेस को एलडीएफ के नेतृत्व वाली पिनाराई विजयन सरकार के दस साल की एंटी-इंकबेंसी पर भरोसा है।
मुस्लिम-इसाई समुदाय की निर्णायक भूमिका
केरल में वैसे तो करीब 50 फीसदी से ज्यादा हिंदू वोटर हैं, पर मुस्लिम और इसाई मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं। राज्य में मुस्लिम समुदाय करीब 25 फीसदी तो इसाई समुदाय करीब 15 फीसदी से अधिक तक बताया जाता है। इन दोनों समुदाय के वोटर्स करीब 40 फीसदी से ज्यादा हैं। यही वजह है कि कांग्रेस का यहां इंडियन मुस्लिम लीग से गठबंधन होता है, जिसके चलते कांग्रेस को मुस्लिम समुदाय के वोट मिलते रहे हैं। वहीं एलडीएफ और भाजपा की रणनीति में इसाई समुदाय के वोटर्स में सेंध लगाना शामिल है।
केरल में राहुल गांधी का एलडीएफ पर हमला
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केरल में सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लेफ्ट और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक असामान्य गठजोड़ बन गया है। उनके मुताबिक, इस बार का विधानसभा चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि विचारधाराओं की सीधी टक्कर है।
यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के प्रमुख प्रचारक के रूप में कन्नूर पहुंचे गांधी ने दिन की शुरुआत स्थानीय नेताओं के साथ नाश्ते पर चर्चा से की। इसके बाद उन्होंने जिले के विभिन्न इलाकों से आए उम्मीदवारों और समर्थकों को संबोधित करते हुए पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।

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