कोहली ने शेयर किया स्कूल का अनुभव, बच्चों से की खुलकर बात
अपने सपनों के प्रति 100% ईमानदार रहें', विराट कोहली ने स्कूली छात्रों को दिया सफलता का खास मंत्र
मैदान पर अपनी आक्रामकता के लिए मशहूर विराट कोहली का एक अलग और प्रेरणादायक रूप दिल्ली में देखने को मिला। आईपीएल 2026 की व्यस्तता के बीच, कोहली अपने बचपन के कोच राजकुमार शर्मा की क्रिकेट अकादमी की नई शाखा के उद्घाटन के अवसर पर छात्रों के बीच पहुंचे। यहाँ उन्होंने न केवल अपने क्रिकेट के अनुभव साझा किए, बल्कि युवाओं को जीवन में सफल होने के गुर भी सिखाए।
स्कूल की यादें और शिक्षकों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विराट ने बड़े ही मजाकिया और विनम्र अंदाज में अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा, "सच कहूँ तो स्कूल के माहौल में भाषण देना मेरे लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि क्रिकेट की वजह से मैं काफी पहले पढ़ाई के औपचारिक माहौल से दूर हो गया था।" उन्होंने छात्रों को समझाया कि स्कूल केवल डिग्री लेने की जगह नहीं है, बल्कि यह आपके व्यक्तित्व को गढ़ने का स्थान है। कोहली ने विशेष रूप से शिक्षकों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "अपने गुरुओं का सम्मान करें, क्योंकि वे अपना जीवन और समय आपको बेहतर बनाने में लगा रहे हैं।"
ईमानदारी ही सफलता की कुंजी
विराट ने अपनी सफलता का राज साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बहुत कम उम्र में ही क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया था। उन्होंने छात्रों से कहा:
"मैंने जब खेल को चुना, तो वह फैसला पूरी तरह से मेरी अंतरात्मा की आवाज थी। आप जो भी करना चाहते हैं, उसे पूरी निष्ठा के साथ करें। दुनिया को दिखाने के लिए नहीं, बल्कि खुद से पूछें कि क्या आप अपने सपने के प्रति 100 प्रतिशत ईमानदार हैं? अगर जवाब 'हाँ' है, तो आपको कोई नहीं रोक सकता।"
अकादमी से है गहरा भावनात्मक जुड़ाव
भावुक होते हुए विराट ने अपनी पुरानी यादें ताजा कीं। उन्होंने बताया कि इसी अकादमी में उन्होंने महज 8 साल की उम्र से अभ्यास शुरू किया था। आज सफलता के इस मुकाम पर होने के बाद भी वे यहाँ की अहमियत को नहीं भूले हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह नया सेटअप आने वाले समय में देश को बेहतरीन खिलाड़ी देगा।

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