आरएसएस रजिस्ट्रेशन को लेकर कर्नाटक में बढ़ा राजनीतिक टकराव
बेंगलुरु। कर्नाटक में हाल ही में हुए सत्ता और नेतृत्व परिवर्तन के बाद सूबे के नए गृह मंत्री प्रियांक खरगे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। सोशल मीडिया से शुरू हुए इस सियासी घमासान में अब कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने गृह मंत्री प्रियांक खरगे के उस बयान का खुलकर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने आरएसएस को अपने संगठन के रजिस्ट्रेशन के कागजात तैयार रखने की बात कही थी।
आरएसएस के रजिस्ट्रेशन पर कांग्रेस का रुख
कांग्रेस नेता बी.के. हरिप्रसाद ने गृह मंत्री का बचाव करते हुए कहा कि प्रियांक खरगे राज्य के कानून मंत्री के तौर पर पूरी तरह भारतीय संविधान के दायरे में रहकर अपना काम कर रहे हैं और ऐसा करने का उनके पास पूरा कानूनी अधिकार है। उन्होंने आरएसएस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो भी संगठन खुद को देशभक्त या सांस्कृतिक होने का दावा करता है, उसका सरकारी नियमों के तहत बकायदा रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। अगर कोई संगठन इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए, यह तय करने का अधिकार पूरी तरह राज्य के गृह मंत्री के पास है।
बीजेपी का सोशल मीडिया पर तीखा हमला
इस पूरे विवाद की चिंगारी तब सुलगी जब प्रियांक खरगे ने गृह मंत्री का पदभार ग्रहण किया। इसके तुरंत बाद कर्नाटक बीजेपी ने सोशल मीडिया पर उन पर सीधा हमला बोला था। बीजेपी ने राज्य के पूर्व गृह मंत्री जी. परमेश्वर से उनकी तुलना करते हुए तंज कसा कि पहले के गृह मंत्री हर वारदात पर 'मुझे नहीं पता' कहकर पल्ला झाड़ लेते थे, और अब नए बने गृह मंत्री प्रियांक खरगे को उन मुद्दों पर लंबी-चौड़ी बयानबाजी करने की आदत है, जिनसे उनका कोई सीधा वास्ता ही नहीं है। बीजेपी ने सवाल उठाया कि ऐसे मंत्री के रहते राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का क्या होगा?
गृह मंत्री प्रियांक खरगे का पलटवार और चेतावनी
विपक्ष के इस हमले और सोशल मीडिया पर मिल रही प्रतिक्रियाओं का जवाब देते हुए गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने बीजेपी की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि मुझे गृह मंत्री बने अभी 48 घंटे भी नहीं हुए हैं और बीजेपी का डर और गुस्सा साफ दिखने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी अभी से आरएसएस के नाम पर उन्हें निशाना बना रहे हैं। खरगे ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए लिखा कि वे अपने लोगों से कह दें कि वे संगठन के रजिस्ट्रेशन से जुड़े सभी जरूरी कानूनी दस्तावेज तैयार रखें।
आपको बता दें कि प्रियांक खरगे अपने पिता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तरह ही आरएसएस की विचारधारा के कड़े आलोचक रहे हैं, और इस मुद्दे पर उन्हें सरकार के बाकी मंत्रियों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है।

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