महिलाओं के सम्मान पर राजनीति? विपक्ष पर BJP का वार
जबलपुर: सांसद संध्या राय का विपक्ष पर कड़ा प्रहार
जबलपुर:महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ का आरोप सांसद संध्या राय ने कहा कि कांग्रेस, डीएमके और उनके साथी दलों ने संसद के भीतर जिस तरह का व्यवहार किया, वह देश की करोड़ों महिलाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मिलने वाले 33 प्रतिशत आरक्षण के संवैधानिक अवसर को बाधित कर विपक्ष ने जो 'जश्न' मनाया, वह दरअसल देश की आधी आबादी का अपमान है।
परिसीमन और संवैधानिक प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर जवाब देते हुए सांसद ने स्पष्ट किया कि लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का पुनर्गठन एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जो जनगणना के बाद परिसीमन आयोग के जरिए ही संपन्न होती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस ऐतिहासिक निर्णय का भी जिक्र किया जिसमें 2026 के बाद पहली जनगणना तक परिसीमन स्थगित रखने की बात कही गई थी, ताकि राज्यों का प्रतिनिधित्व संतुलित रहे। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के हवाले से भरोसा दिलाया कि परिसीमन के दौरान किसी भी राज्य के हितों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
भाजपा का महिला सशक्तिकरण संकल्प संध्या राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई उज्ज्वला योजना, शौचालयों का निर्माण और तीन तलाक से मुक्ति जैसे क्रांतिकारी फैसलों को महिला सशक्तिकरण का वास्तविक आधार बताया। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बयानों की आलोचना करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति के प्रतिकूल करार दिया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश की 70 करोड़ महिलाएं विपक्ष की इस कार्यप्रणाली को बारीकी से देख रही हैं और आने वाले समय में वे इसका मुंहतोड़ जवाब देंगी।
इस पत्रकार वार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, महिला मोर्चा की रूपा राव, डॉ. स्वाति गोडबोले, सुषमा जैन सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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