दंतेवाड़ा के हॉस्टलों में मिलीं गंभीर अव्यवस्थाएं, 5 अधीक्षकों पर कार्रवाई
दंतेवाड़ा। जिला कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के सख्त निर्देश पर एसडीएम और तहसीलदार ने स्थानीय हॉस्टलों का औचक निरीक्षण किया। इस आकस्मिक जांच के दौरान कई आवासीय संस्थानों में भारी लापरवाही और खामियां उजागर हुई हैं। व्यवस्थाओं में बड़ी चूक मिलने पर संबंधित अधीक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है और तीन दिनों के भीतर इस पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
आश्रमों में पसरी गंदगी और अव्यवस्थाएं आईं सामने
गीदम। जांच के बाद सहायक आयुक्त आदिवासी विकास और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन हॉस्टलों के हालात को जल्द से जल्द सुधारें। निरीक्षण के दौरान कहीं बाथरूम पूरी तरह चोक मिले तो कहीं टॉयलेट में गंदगी का अंबार लगा था, जिसके कारण छात्राएं खुले में स्नान करने को विवश दिखीं। इसके अलावा कई जगहों पर अधीक्षिकाएं गायब मिलीं, बच्चों का रूटीन मेडिकल चेकअप नहीं हुआ था, और कमरों की खिड़कियों के पल्ले टूटे होने के कारण बच्चे बिना मच्छरदानी के सोने को मजबूर पाए गए।
चितालूर पोटाकेबिन में भी मिलीं कई खामियां
चितालूर। इसी अभियान के तहत कन्या शिक्षा परिसर पोटाकेबिन चितालूर का भी औचक मुआयना किया गया। यहाँ जांच के वक्त अधीक्षिका वेदिका नाग ड्यूटी से नदारद पाई गईं। हॉस्टल में कुल 63 छात्राएं मौजूद थीं, लेकिन वहां भी बच्चों की सेहत की जांच नहीं कराई गई थी और वॉशरूम की स्वच्छता का स्तर बेहद खराब था। हालांकि, यहां भोजन मेन्यू के मुताबिक बन रहा था, पीने के पानी की उचित व्यवस्था थी और सभी छात्राओं को मच्छरदानियां दी गई थीं। अधीक्षिका के गायब रहने और अन्य कमियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई
किरंदुल। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने साफ तौर पर कहा है कि जिले के सभी आश्रमों, छात्र-प्रांतों और पोटाकेबिनों में बच्चों को साफ-सुथरा, सुरक्षित और बेहतर माहौल देना प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने सचेत किया कि साफ-सफाई, सेहत, शुद्ध पेयजल, शौचालय और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में मिली कमियों को फौरन ठीक करने और आगे ऐसी गलती दोबारा होने पर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कठोर दंडात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।

किसान अब उन्नत तकनीक की ओर अग्रसर, पैडी ट्रांसप्लांटर विधि से धान रोपाई
मध्यप्रदेश पुलिस का नशे के विरुद्ध सख्त प्रहार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी : खाद्य मंत्री राजपूत
अपनी मेहनत और समर्पण से बड़वानी बन रहा देश में कृषि, उद्यमिता एवं नवाचार का उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
निर्वाचन तैयारियां एवं स्वीप गतिविधियां तेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस कम्पनी के पदाधिकारी
सिक्किम टनल हादसा: मृतक मजदूरों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान