नासिक आंदोलन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले में जारी भारी बारिश के बीच मौसम को लेकर एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा त्र्यंबकेश्वर व नासिक में बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) जैसी आशंकाओं के बीच अब खतरा टलता दिख रहा है। मौसम विज्ञानियों के ताजा अनुमान के मुताबिक, पालघर के ऊपर सक्रिय मौसमी तंत्र (वेदर सिस्टम) ने अपनी दिशा बदल ली है। इस बदलाव के बाद नासिक और आसपास के इलाकों पर मंडरा रहा आसमानी आफत का तात्कालिक संकट काफी हद तक कम हो गया है।
राम मंदिर चंदा विवाद पर कालाराम मंदिर के बाहर कांग्रेस का 'सत्याग्रह'
मौसम की इस उथल-पुथल के बीच नासिक का राजनीतिक तापमान भी आज बेहद गरमा गया। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दान और आभूषणों की कथित हेराफेरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नासिक के ऐतिहासिक कालाराम मंदिर के बाहर 'रघुपति राघव राजाराम' सत्याग्रह शुरू कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों ने भजन गाकर अनोखे अंदाज में भाजपा सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में 'चौकीदार चोर है' और 'देश लूटा, अब राम का दान भी लूट रहे' जैसे कड़े नारों वाली तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की।
दान और आभूषण मामले की निष्पक्ष जांच और श्वेत पत्र की मांग
प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शासन व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में चहेतों को जगह देकर वित्तीय अनियमितताओं को बढ़ावा दिया गया है। सपकाल ने मांग की कि मंदिर में चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों और नकदी की चोरी के आरोपों की एक स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि जनता की आस्था से जुड़े इस मामले का पूरा हिसाब देश के सामने रखा जाना चाहिए और इसी मांग को लेकर कांग्रेस आने वाले दिनों में पूरे महाराष्ट्र में जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।
'सरकारी एसआईटी' पर उठाए सवाल, की बुलडोजर कार्रवाई की मांग
मामले की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच दल (SIT) को कांग्रेस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि इस एसआईटी में केंद्र सरकार के ही लोग शामिल हैं, जिससे निष्पक्षता की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या सरकार राम मंदिर में हेराफेरी करने वाले रसूखदार आरोपियों के खिलाफ भी उसी तत्परता से 'बुलडोजर कार्रवाई' अमल में लाएगी, जैसी वह अन्य मामलों में दिखाती है? कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की जांच सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) की सीधी निगरानी में कराने पर जोर दिया है।
आपदा के अलर्ट को बताया राजनीतिक हथकंडा, फडणवीस सरकार पर निशाना
सत्याग्रह आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर एक बेहद संगीन आरोप भी मढ़ा। हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि नासिक और त्र्यंबकेश्वर में बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) का जो भय पैदा किया गया था, वह दरअसल कांग्रेस के इस आंदोलन को दबाने और भटकाने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश थी। उन्होंने दावा किया कि जब मौसम का ऐसा कोई बड़ा खतरा था ही नहीं, तो सरकार ने केवल अफवाह का माहौल इसलिए बनाया ताकि लोग डरकर प्रदर्शन में शामिल न हों। फिलहाल कांग्रेस के इन तीखे हमलों और आरोपों पर मुख्यमंत्री कार्यालय या भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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