इंदौर शहर को सिग्नल-लैस शहर बनाने की योजना पर कार्य
भोपाल : नगरीय विकास एवं आवास विभाग इंदौर को सिग्नल-लैस शहर बनाने की योजना पर कार्य कर रहा है। इसका उद्देश्य शहर में यातायात को निर्बाध रूप से संचालित करना है। योजना के तहत फ्लाई-ओवर, बाय-लेन, अंडर पास और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहल लागू की जा रही हैं। योजना के पूरा होने पर इंदौर शहर में नागरिकों का यात्रा समय कम होगा और ट्रैफिक सुचारु रहेगा। सिग्नल-लैस योजना तेजी से बढ़ते शहरी यातायात को सुविधाजनक बनाने और यात्रा समय को कम करने में मदद करेगी।
ऑर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग यातायात प्रबंधन को अधिक स्मॉर्ट और कुशल बनाने में भी किया जा रहा है। इस तकनीक से दुघर्टनाओं में कमी भी आयेगी।
शहरी लोक परिवहन
विभाग द्वारा प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 1330 बसों का संचालन शहरी मार्गों पर किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण को स्वच्छ बनाये रखने की दृष्टि से पीएम ई-बस सेवा में 552 ई-बसों का प्रस्ताव केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजा गया है। बस डिपो अधोसंरचना के प्राक्कलन भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन एवं सागर के स्वीकृत किये गये हैं। इसी के साथ चार्जिंग अधोसंरचना के प्राक्कलन भोपाल, जबलपुर, उज्जैन एवं सागर की स्वीकृत किये गये हैं। प्रदेश के 3 शहरों भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा देने के लिये 217 ई-चार्जिंग अधोसंरचना विकास का कार्य विभाग द्वारा किया जा रहा है।

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